बस में मिली एक हॉट लड़की को होटल ले गया – 1

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अशोक सिन्हा है और मेरी आयु 32 वर्ष की है।

मेरे लन्ड का साइज 8 इंच है और यह काफी मोटा भी है। मैं कानपुर का रहने वाला हूं और यही एक कंपनी में काम करता हूं। आज मैं जो आपको कहानी सुनाने जा रहा हूं मैं आज से लगभग 6 साल पुरानी है और तब मेरी शादी भी नहीं हुई थी।

मुझे उम्मीद है कि आपको यह कहानी पसंद आएगी। बात तब की है जब मैं 26 साल का था इंडियन आर्मी का टेस्ट देने के लिए भोपाल गया हुआ था।

मैं सुबह दिल्ली पहुंचा और सारा दिन टेस्ट देने में ही निकल गया और अभी शाम के 6:00 बज चुके थे। अभी मेरे पास थोड़ा समय था इसलिए मैं बस स्टैंड पहुंचा और एक नाइट स्लीपर बस जो कानपुर जाने वाली थी उसमें चढ़ गया। क्योंकि यह आखरी बस्ती इसलिए इसमें काफी भीड़ थी और बैठने के लिए बिल्कुल भी जगह नहीं थी।

लेकिन कंडक्टर ने मुझे बताया कि यह सभी लोग कल सुबह दिया है और थोड़ी देर में सभी लोग उतर जाएंगे तुम बैठ जाओ मैं तुम्हें आगे जाकर एक सीट दे दूंगा।

मैंने सोचा आखरी बस है उसके बाद कोई बस भी नहीं है इसलिए मैं बस के पीछे जाकर खड़ा हो गया। फिर मेरी निकाह एक लड़की पर पड़ी जो एक बहुत भाभी बैग लेकर बस में चढ़ने की कोशिश कर रही थी।

मैंने उसका बैग उठाकर अंदर बस में रख दिया और वह मुझको थैंक्यू बोलते हुए मेरे से थोड़ा आगे जाकर खड़ी हो गई। मैंने भी मुस्कुराते हुए उसका अभिवादन किया। दिखने में वह बहुत ही खूबसूरत थी और उसने एक कुर्ता और जींस पहन रखी थी।

उसका फिगर 36 24 30 का था और काफी कमाल की लग रही थी। मेरी नजर उस पर से हट ही नहीं रही थी और मेरे मन में उसे चोदने के ख्याल आ रहे थे। अब बस बस स्टैंड से निकली और किसी प्रसिद्ध चौराहे पर पहुंची।

जैसे ही बस रुकी बहुत सारे लोग हैं बस में चढ़कर क्योंकि यह आखिरी बस थी। लोगों की भीड़ बढ़ने के कारण हम दोनों एक दूसरे के काफी नजदीक आ गए और एक दूसरे से सट कर खड़े हो गए।

अब तो मेरे बहुत ही ज्यादा करीब थी और उसके बदन की खुशबू से मेरी उत्तेजना और ज्यादा बढ़ रही थी। उसकी गर्दन पर हल्का हल्का पसीना मेरी अंतर्वासना को जगा रहा था और मेरा लन्ड खड़ा होकर एकदम से टाइट हो गया था। तभी अचानक पीछे से एक जोरदार धक्का आया और मेरा लंड उसकी गांड से जा टकराया।

उसने मेरी तरफ घूर कर देखा तो मैंने उसे सॉरी बोला और कहा कि से से धक्का दिया किसी ने। फिर वह कोई बात नहीं बोल कर सीधे खड़ी हो गई और अब मेरी निगाहें उसके बूब्स की तरफ भी जा रही थी।

क्योंकि उसने एक खुला कुर्ता पहन रखा था इसलिए उसके बूब्स मुझे लिख रहे थे क्योंकि उसकी हाईट मेरे से थोड़ी कम थी। अब बस एक कच्ची सड़क से होकर गुजर रही थी इसलिए बहुत ज्यादा हिल रही थी और मेरा लन्ड उसकी गांड पर रगड़ते हुए जा रहा था।

फिर मुझे महसूस हुआ कि मेरा लन्ड उसके गांड के बीच बसा जा रहा है और अब वह थोड़ा सा टेढ़ा हो कर खड़ी हो गई जिसके कारण मेरा लन्ड अब उसकी जांघ पर था।

मैं कंट्रोल करने की बहुत कोशिश कर रहा था लेकिन उसके बदन की खुशबू और उसके बड़े-बड़े बूब्ज़ मेरी कामुकता को शांत होने ही नहीं दे रहे थे। फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम्हारा नाम क्या है। फिर मैंने उसे बताया कि मेरा नाम अशोक है।

क्योंकि बस बहुत ज्यादा ही लग रही थी और उसका हाथ ऊपर हैंड रेेस्ट तक नहीं पहुंच रहा था इसलिए उसने मुझसे पूछा कि क्या मैं आपके हाथ को पकड़ सकती हूं।

तो मैंने कहा हां जरूर। फिर मैंने उससे पूछा कि आप कहां जाएंगी। तो उसने मुझे पता है कि वह लखनऊ में रहती है और अपने घर वापस जा रही है। फिर मैंने उससे कहा लेकिन यह बस तो सिर्फ कानपुर तक ही जाएगी। तो वह बोली कोई बात नहीं मैं कानपुर में सुबह दूसरी बस पकड़ लूंगी।

फिर मैंने उसे बताया कि कानपुर से लखनऊ को पहली बस सुबह 8:00 बजे जाती है और यह बस सुबह 4:00 बजे ही कानपुर पहुंच जाएगी। फिर उसने कहा कोई बात नहीं और मैंने हिम्मत करके उससे उसका नाम पूछा।

तो उसने बताया कि उसका नाम सुमन है। फिर मैंने कहा सुमन आई एम सॉरी भीड़ बहुत ज्यादा है और तुम इतनी सुंदर हो तो मुझसे भी कंट्रोल नहीं हो रहा।

उसने कहा कोई बात नहीं ऐसा हो जाता है और वह मेरी तरफ मुंह करके खड़ी हो गई। अब्बा उसके बूब्स धक्का लगने पर मेरी छाती से टकरा रहे थे और मेरा लंड उसकी चुत से थोड़ा सा ऊपर था। अब हम खुलकर बातें कर रहे थे और उसने मेरे लन्ड की तरफ इशारा करते हुए कहा तुम्हारा नुन्नू तो बहुत सख्त है।

पहले तो मैं रुक गया लेकिन फिर मैं समझ गया कि इससे भी चूदने की चाहत है इसलिए मैंने कहा पूरे 8 इंच का है। वह बोली मुझे कैसे पता लगेगा कि तुम सच बोल रहे हो या झूठ। तो मैंने कहा तुम हाथ लगा कर देख लो।

फिर उसने मेरी पैंट की जिप खोलिए और मेरे लन्ड को हाथ में लेकर देखा। उसने कहा अरे यह तो सचमुच में बहुत ज्यादा बड़ा है 8 इंच का तो होगा ही। अब बस में भी भीड़ कम होने लगी थी और हम दोनों अब थोड़ा दूर दूर होकर खड़े हो गए।

फिर जब बस में सीटें खाली हुई तो टीटी ने हम दोनों को अलग अलग सीट पर बैठा दिया। मैंने उसे चोदना चाहता था लेकिन अब हम दोनों काफी दूर-दूर बैठे थे और मैं कुछ कर भी नहीं सकता था।

फिर पता ही नहीं चला कि कब मेरी आंख लग गई और मुझे नींद आ गई। जब मेरी आंख खुली तो हम कानपुर बस स्टैंड पर पहुंच गए थे और मैं जैसे ही नीचे उतरने लगा तो मैंने सुमन को देखा और उसका बैग उठाकर उसकी नीचे उतरने में मदद की।

फिर हम दोनों एक दूसरे की तरफ देख कर मुस्कुराए। रात बहुत ज्यादा थी और बस स्टैंड पर इक्के दुक्के लोग ही थे। फिर मैंने कहा यहां पर तुम्हारा रुकना सेफ नहीं होगा पास मैं ही एक होटल है जो 24 घंटे खुला रहता है क्या तुम वहां जाना चाहोगी।

उसने कहा यहां मच्छर कटवाने से अच्छा है कि वही चलते हैं। फिर मैं उसे लेकर होटल में चला गया।

इससे आगे की कहानी आपको अगले भाग में बताऊंगा। आगे की कहानी बहुत ही ज्यादा मजेदार होने वाली है इसलिए इसके अगले भाग को पढ़ना ना भूले।

इस कहानी का दूसरा भाग यहां पढे – बस में मिली एक हॉट लड़की को होटल ले गया – 2