जन्मदिन में गिफ्ट के बदले मिली चुत

हेलो दोस्तों मेरा नाम साहिल है और मैं आपको एक घटना के बारे में बताने जा रहा हूं। मेरी उम्र 21 साल है और मैं पटना में रहता हूं और ग्रेजुएशन कर रहा हूं। मुझे हिंदी सेक्स कहानियां पढ़ने का शौक है और कम से कम एक कहानी तो मैं हर रोज पढता ही हूं।

फिर मैंने सोचा क्यों ना अपनी कहानी भी शेयर की जाए ताकि मेरी तरह और लोग जो हिंदी सेक्स कहानियां पढ़ते हैं वह इस कहानी का आनंद ले सके। क्योंकि लोक डाउन का समय है इसलिए स्कूल कॉलेज सब बंद है और मैं अब घर पर ही रहता हूं। ऑनलाइन क्लासेज लगती है और वही टीचर लोग पढ़ाते हैं।

घर पर बैठे बैठे मैं बहुत बोर हो रहा था इसलिए शाम को एक दिन मैं अपने घर की छत पर टहलने के लिए चला गया। मैं छत पर टहलने लगा और इधर उधर के नजारे देखने लगा। तभी अचानक मेरी नजर पड़ोस के एक घर पर पड़ी। वहां एक मेरी उम्र की लड़की मुझे दिखी।

उसने मेरी तरफ पीठ कर रखी थी और एक छोटे से बच्चे को खिला रही थी। मैं उसकी तरफ देखने लगा तो वह बहुत ही क्यूट लग रही थी। मैं उसके मुड़ने का इंतजार करने लगा और लगातार उसकी तरफ देखे ही जा रहा था। तभी अचानक से वह पीछे की ओर मुड़ी और उसकी निगाहें मेरे ऊपर पड़ी।

जैसे ही उसने मेरी तरफ देखा मैं अचानक से इधर उधर देखने लगा। मैंने ऐसा इसलिए किया ताकि उसको यह ना लगे कि मैं ठरकियों की तरह उसे पीछे से ताड रहा था। लेकिन थोड़ी देर इधर उधर देखने के बाद मैं टहलते हुए उसकी तरफ बीच बीच में देखने लगा।

मैंने नोटिस किया कि बीच बीच में वह भी मेरी तरफ देख रही थी। फिर मैंने उसकी तरफ से देखना शुरू किया और वह भी मेरी तरफ देखने लगी। अब हमारी दोनों की नजरें एक दूसरे से टकरा रही थी। मैंने उसे अपनी आंखों से एक इशारा किया। तो उसने भी अपनी गर्दन को ऊपर की तरफ करते हुए मुझसे जैसे पूछा हो कि क्या चाहिए तुम्हें।

मैंने फिर अपना हाथ ऊपर करके उसे हाय कहा। उसने भी अपना हाथ उठाया और मुझे हाय कहा। फिर मैंने इशारो इशारो नहीं उससे उसका नाम पूछा। उसने बताया कि उसका नाम प्रिया है। फिर उसने भी मेरा नाम पूछा और मैंने उसे बताया कि मेरा नाम साहिल है। फिर ऐसे ही हम लगभग आधे घंटे तक इशारों इशारों में बात करते रहे और एक दूसरे की तरफ देखते हुए एक दूसरे को स्माइल पास करते रहे।

फिर मैंने एक कागज पर अपना नंबर लिख कर उसके छत की तरफ फेंक दिया और वह कागज है जाकर उसके छत पर जा गिरा। तभी अचानक से पीछे से शायद उसकी भाभी आ गई जिसका बच्चा वह खिला रही थी। उसकी भाभी ने मेरे को कागज देखते हुए नहीं देखा लेकिन कागज अब भी वही नीचे गिरा हुआ था। प्रिया ने झट से कागज को उठाया और अपनी ब्रा छुपा लिया।

मैं उसको इतना करते हुए देखते ही समझ गया कि वह इंप्रेस हो चुकी है और शाम को मैसेज या फोन जरूर करेगी। उसके पास अपना फोन भी था इसलिए छुप कर फोन करने की कोई दिक्कत वाली बात ही नहीं थी। फिर मैंने उसकी तरफ देखना बंद कर दिया क्योंकि उसकी भाभी आ चुकी थी और मैं थोड़ी देर बाद नीचे चला गया।

जैसा मैंने सोचा ही था शाम को 8:00 बजे के करीब उसका मुझे मैसेज आ गया और उसकी प्रोफाइल पिक देखने के बाद मुझे यकीन हो गया कि यह वही लड़की है। उसकी प्रोफाइल पिक्चर काशी अच्छी थी और उसमें वह बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही थी।

इस तरह हम दोनों ने एक दूसरे को मैसेज भेजना शुरू कर दिया। उस दिन करीब रात के 1:00 बजे तक हमारी बात हुई और उसके बाद हम सोए। मैं यह कंफर्म कर चुका था कि उसका कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं है और वह अभी नई नई ही पास वाले घर में रहने के लिए आई है।

अगले दिन में फिर शाम को छत पर टहलने के लिए गया तो वह भी पहले से छत पर आकर बैठी हुई थी अब हम दोनों ने एक दूसरे को फोन लगा लिया और एक दूसरे की तरफ देखते हुए फोन पर बातें करने लगे। अब हम दोनों में बहुत सारी बातें होने लगी और हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी खुल चुके थे।

फिर मेरा जन्मदिन आने वाला था और मैंने उससे पूछा कि मुझे जन्मदिन पर क्या गिफ्ट दोगी। उसने कहा जो तुम कहोगे वह तुम्हें मिल जाएगा। फिर मैंने उसे कहा कि तुम्हें मेरे साथ एक रेस्टोरेंट में चलना होगा वहां मैं तुम्हें पार्टी दूंगा।

वह मान गई और मैं मुझसे एक होटल में ले गया। वहां जाकर हम ने केक काटा और मेरा जन्मदिन सेलिब्रेट किया। फिर मैंने उससे पूछा कि मेरा गिफ्ट कहां है। तो उसने कहा मुझे पता है तुम्हें गिफ्ट में क्या चाहिए और मैं तुम्हें तुम्हारा गिफ्ट देने के लिए तैयार हूं।

फिर हम दोनों एक दूसरे के करीब आए और किस करना शुरू कर दिया। क्योंकि मैंने होटल का एक कमरा बुक कर रखा था इसलिए हम दोनों कमरे में अकेले थे। फिर मैंने उसे बेड पर लेटा रहा और उसके और अपने सारे कपड़े उतार दिए। उसको लगातार केस करे जा रहा था और अब मैं धीरे-धीरे उसकी गर्दन पर किस करने लगा और उसे उत्तेजित करने लगा।

फिर मैं उसके बूब्स चूसने लगा और अपनी एक उंगली उसके चुत में डाल कर आगे पीछे करने लगा। वह सिसकियां भरने लगी और सेक्सी आवाजें निकालने लगी। अब मैं तेजी से उसकी चुत में उंगली कर रहा था और एक बार झड़ गई। अब मैंने अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा और धीरे धीरे करते हुए पूरा लंड उसकी चुत में घुसा कर उसे चोदने लगा।

उसकी सांसे तेज हो गई और वह दर्द के मारे हल्का हल्का कराहने लगी। लेकिन मैंने उसको धीरे धीरे से चूमते हुए थोड़ा सेक्सी में लीन किया और अब जब उसका दर्द खत्म हुआ तो उसे तेजी से चोदने लगा। उसे मैंने 15 मिनट तक तीन अलग-अलग स्टाइल में चोदा। इस बीच वह दो बार वह झड़ चुकी थी।

और अब वह काफी थक भी चुकी थी और मैं भी अब झड़ने वाला था। मैंने अपना सारा माल उसके बूब्स के ऊपर निकाल दिया और इसके होठों पर किस करते हुए उसके ऊपर लेट गया। क्योंकि अब हम दोनों काफी थक चुके थे इसलिए 5 मिनट तक हम इसी तरह लेटे रहे।

फिर हम दोनों उठे और अपने अपने कपड़े पहने। फिर उसने कहा कि तुम्हें तुम्हारा गिफ्ट पसंद आया कि नहीं। मैंने कहा इतना अच्छा गिफ्ट मुझे आज तक नहीं मिला। वह मेरी तरफ देख कर हंसने लगी और मैं अभी उसकी तरफ देखते हुए मुस्कुराने लगा।