भतीजे की ट्यूशन टीचर की रसीली चुत

मेरा नाम लकी है और मैं बुंदेलखंड में रहता हूं। मेरी उम्र 28 साल है वह अभी अभी मेरी नई नई शादी हुई है। मेरे लन्ड का साइज़ 7 इंच है और यह 2 इंच मोटा भी है। मैं अब तक कई लड़कियों की चुदाई कर चुका हूं और अब मैं चुदाई के मामले में एक्सपर्ट बन चुका हूं।

मुझे कई सेक्स पोजीशन के बारे में पता है वह नया किसी भी लड़की को पूरी तरह संतुष्ट करने की क्षमता रखता हूं। बात आज से 2 साल पुरानी है। मेरे भतीजे और भतीजी जो 6 और 8 साल के हैं वह ट्यूशन पढ़ने के लिए अपनी स्कूल वाली मैडम के घर जाया करते थे।

उनकी मैडम का नाम ज़ोया था। एक दिन जब मेरे बड़े भाई किसी काम से बाहर गए हुए थे तो भतीजे और भतीजी को ट्यूशन से वापस लाने के लिए मुझे उनके ट्यूशन पर जाना पड़ा। जब मैं उनके ट्यूशन पर पहुंचा तो मैं लेट हो चुका था और सिर्फ मेरे भतीजा भतीजी और मैडम कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे।

जैसे ही मैं उनके घर पहुंचा और अंदर गया तो मेरे भतीजा भतीजी मेरे को देखता अपनी मैडम से बोले कि मैडम हमारे चाचा हमें लेने आए हैं। जिनसे हूं मेरी विवाह मैडम पर पड़ी तो उसे देख कर शरीर में बिजली के करंट सा लगा। मैं ज़ोया को देखकर मंत्रमुग्ध हो गया।

मैंने उसे देखते ही उसका फिगर का अनुमान लगा लिया। 36 की छाती 26 की कमर और 37 की गांड देखकर तो मै बस उसे देखता ही रह गया। अब मैं हफ्ते में एक दो बार अपने भतीजे और भतीजी को ट्यूशन छोड़ने जाता और उन्हें वापस घर ले जाने के लिए भी आता। इस तरह में उनकी मैडम ज़ोया पर लाइन मारने लगा।

फिर एक दिन जब भैया घर पर नहीं थे तो मैं जानबूझकर उनको लेने के लिए एक घंटे देरी से गया। वैसे भी मैं वहां पहुंचा तो जोड़ा ने कहा आप आज इतनी लेट क्यों आए हैं। बच्चों का काम तो कब का खत्म हो चुका है। मैंने कहा अरे भैया को याद भूल गया था और मैं कहीं बाहर गया हुआ था।

आप मेरा नंबर ले लीजिए और जिस दिन भैया ना आए उस दिन मुझे फोन कर दीजिएगा मैं इन बच्चों को लेने आ जाऊंगा। इस तरह मैंने अपना नंबर उसे एक कागज पर लिखकर पकड़ा दिया। कागज पकड़ लिया और बोली कि ठीक है जिस दिन इनके पिताजी नहीं आएंगे मैं आपको फोन कर दूंगी और आप आ कर इनको ले जाइएगा। मैंने ठीक है कहां और वहां से चला गया।

एक दिन ज़ोया ने मुझे व्हाट्सएप पर मैसेज किया और मैंने भी रिप्लाई किया और इस तरह हम दोनों ही बातें शुरू हो गई। बब्बू मान जब भी उसके घर जाता तो वह मुझे बड़े की प्यार से बैठाती और चाय बगैरा पूछती। चाय तो पहले भी पूछती थी लेकिन अब उसके पूछने के तरीके में और ज्यादा मिठास और प्यार आ गया था।

चलो एक दिन मैंने उसे प्रपोज कर दिया और उसने हां कर दी। फिर एक दिन हम दोनों ने बाहर घूमने जाने का प्लान बनाया है और हम दोनों साथ में घूमने चले गए। मैंने उसे बताया नहीं था लेकिन थोड़ी देर घूमने के बाद में उसे अपने दोस्त के खाली कमरे पर ले गया।

वहां से बिठाकर थोड़ी बातें पसंद और फिर उससे पूछा क्या मैं तुम्हें एक किस कर सकता हूं। फिर उसने कहा हां सिर्फ एक ही किस्स। मैं उसे किस करने लगा हूं वो भी मेरा साथ देने लगी फिर मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसके ऊपर चढ गया।

फिर मैंने एक एक करके उसके बदन से सारे कपड़े उतार दिए और खुद भी नंगे होकर उसके ऊपर टूट पड़ा। पहले तो उसे थोड़ा विरोध किया लेकिन उसे भी चुदाई के मजे लेने थे इसलिए उसने मेरा साथ देना शुरू कर दिया।

पहले तो हमें उसकी चुत और बूब्स को अच्छी तरह से चाटा और फिर अपना 7 इंच मोटा लन्ड उसके मुंह में घुसा दिया।

5 मिनट तक उसके मुंह में लंड अंदर बाहर करता रहा हूं और वह भी रंडियों की तरह मेरे लंड को चूसती रही।

फिर मैं जानवरों की तरह उसके बूब्स पर जोर जोर से दबाने लगा। फिर वह सिसकियां भरती हुई बोली अरे लकी थोड़ा धीरे दबाओ बहुत दर्द हो रहा है।

फिर में उसके सॉफ्ट सॉफ्ट बूब्स और गहरे काले रंग की चूचियों को चूसने लगा। अब मैं अपना हाथ नीचे ले गया और उसकी चुत को मसलने लगा।

अब मैं उसकी चुत में उंगली करने लगा और वह काफी उत्तेजित हो चुकी थी। अब वह बोली अब मुझसे रहा नहीं जाता अपना लंड मेरी चुत में डाल दो।

फिर मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और अपने साथ इंच लंबा लंड उसकी चुत में घुसा दिया। मेरा लन्ड उसकी चुत में घुसते ही वह तड़प उठी और दर्द के मारे बिस्तर की चादर को जोरो से पकड़ने लगी।

उसके दर्द की परवाह किए बगैर मैंने लंड उसकी चुत की जड़ों तक घुसा दिया और अपने होठों को उसके होठों के ऊपर रख लिया ताकि उसकी आवाज ज्यादा जोर से ना निकल सके।

कुछ देर बाद जब वो झड़ गई तो उसकी चुत थोड़ी नरम और गीली हो गई और अब लंड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था। काफी देर चुदने के बाद जोया एक और बाल झड़ गई और अपनी चरम सीमा पर आ चुका था वह मैंने इतना सारा माल उसकी चूचियों पर निकाल दिया।

थोड़ी देर आराम करने के बाद मैंने फिर उसे डॉगी स्टाइल ने चोदा और उसकी गांड भी मारी और इस बार मैंने सारा माल उसकी गांड के छेद के अंदर ही निकाल दिया।

इस तरह करीब दो-तीन बार सेक्स करने के बाद जब मैं पूरी तरह थक गया तो हम दोनों ने थोड़ी देर वहां आराम किया और फिर वापस अपने घर की तरफ चल दिए।

उस दिन के बाद हमने कई बार सेक्स का मजा लिया और उसे मैंने कई सारी पोजीशन में चोदा और उसके खूब सारे मजे लिए।

बाकी सेक्स की कहानी मैं आपको और किसी दिन बताऊंगा आज के लिए बस इतना ही। उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आई होगी। हमारी वेबसाइट पर इस प्रकार की ओर की कहानियां है आप उन कहानियों का भी आनंद ले सकते हैं।