सेक्सी भाभी ने ट्रेन के सफर को यादगार बनाया

हेलो दोस्तों, हिंदी सेक्स स्टोरीज की वेबसाइट पर आप सभी लोगों का स्वागत है। यहां आपको हर रोज नहीं-नहीं कहानियां पढ़ने को मिलेंगे। आज मैं आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूं और मैं उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को यह कहानी बहुत ज्यादा पसंद आएगी।

तो बिना किसी देरी कि हम अपनी कहानी शुरू करते हैं। मेरा नाम दिलशान है और मेरी उम्र 28 साल की है। मेरे लंड का साइज 8 इंच है और यह 2 इंच मोटा भी है।

वैसे तो सेक्स का मुझे बहुत ही ज्यादा शौक है लेकिन पिछले तीन-चार महीनों से काम की वजह से कुछ ज्यादा टाइम नहीं मिल पा रहा था और मुझे सेक्स की तड़प भी हो रही थी। तुम मुझे काम के सिलसिले में जयपुर से बेंगलुरु जाना था।

मैंने जयपुर से बेंगलुरु जाने के लिए थर्ड एसी की टिकट बुक करवा रखी थी। लेकिन जब मैं स्टेशन पहुंचा तो मुझे पता चला कि ट्रेन 6 घंटे लेट है और अब यह रात को आएगी।

पहले तो मुझे बहुत गुस्सा आया फिर मैंने सोचा अब क्या ही कर सकते हैं सारी ट्रेनें लेट ही चल रही है। फिर मैं ऐसी वाले वेटिंग रूम में चला गया और वहां जाकर एक कुर्सी पर बैठ गया।

मेरे सामने चार लोगों का एक छोटा परिवार बैठा हुआ था। एक आदमी अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ बैठा हुआ था। उसके बच्चे तीन-चार साल के होंगे।

जब मेरी नजर उसकी बीवी पर गई तो वह नीचे झुककर अपना सामान सेट कर रही थी और उसके बूब्स मुझे साफ दिखाई दे रहे थे। मैंने भी अपनी नजर हटाए बिना उन्हें देखता रहा। लेकिन फिर वह सीधी होकर बैठ गई।

उसने काले रंग की साड़ी पहन रखी थी और उसका 36-28-36 का फिगर कातिलाना लग रहा था। मेरा तो मन किया इसे यहीं पटक कर अच्छे से चोद दूं।

फिर भी उनके पास जाकर बैठ गया और हम दोनों की बातें शुरू हो गई। क्योंकि ट्रेन देरी से आने वाली थी इसलिए वह आदमी सो गया और मैं उसकी बीवी से बातें करने लगा। मैंने कहा आजकल की ट्रेनें भी हमेशा लेट ही चलती है।

उसने भी कहा हां हां यह तो सही बात है। फिर बातों बातों में उसने मुझे अपना नाम बताया और मुझे पता चला कि उसका नाम अर्पिता है। फिर उसने मुझसे पूछा कि आप कहां जा रहे हो। मैंने बोला काम के सिलसिले में बेंगलुरु जा रहा हूं।

तो उसने मुझसे पूछा आप क्या काम करते हो। तो मैंने कह दिया बस ऐसे ही लोगों को खुश करता हूं। तो उसने बड़े ही शरारती अंदाज में पूछा हमें भी बताइए कैसे खुश करते हैं आप लोगों को। कि मैंने तुमसे कहा अरे नहीं तो वैसे मजाक में कह दिया था मैं एक कंपनी में जॉब करता हूं।

फिर उन्होंने कहा देखिए मेरे पति तो सो भी गए। मैंने कहा अरे मेहनत करते हैं थक कर सो गए होंगे। फिर मैंने उनसे पूछा कितने साल हो गए हैं आपकी शादी को।

तो उन्होंने बताया कि 6 साल हो गए हैं। फिर मैंने कहां कि आप काफी जवान लगती हैं। और वह भी मुस्कुराने लगी। मैंने अपना हाथ भी की जांघ पर रख दिया उन्होंने इसका विरोध नहीं किया तो मैं और खुल गया और उन्हें चलाने लगा।

अब वह भी गर्म होना शुरू हो गई थी और अब वह मेरे हाथ के ऊपर अपना हाथ रख दिया। लेकिन फिर उसने मेरा हाथ हटा दिया और बोला ऐसे मत करो। फिर वह बाथरूम की तरफ गई तो मैं भी उसके पीछे-पीछे चला गया।

मैंने उसको बाथरूम में दीवार के साथ सटा लिया और उसके बूब्स दबा दिए। वह सिसकियां भरने लगी तो मैंने अपने होंठ उसके नरम नरम गुलाबी होंठों पर रख दिए। और उसके रसीले होठों का रस पीने लगा। फिर वह भी मेरा साथ देने लग पड़ी और बोली जल्दी जल्दी करो वरना मेरा पति उठ जाएगा और इधर आ जाएगा।

फिर मैंने उसको बाथरूम वाली सीट पर बैठा है और उसकी सारी को ऊपर करते हुए उसकी पैंटी को उतार दिया। मुझे पता चला कि उसकी चूत एकदम गीली हो चुकी है।

और उसकी चूत पर थोड़े थोड़े बाल भी थे। तो मैंने उसकी चूत को चोदना शुरू कर दिया और वह भी जोर जोर से अब आहें भरने लगी।

वह मेरे बालों को सहलाने लगी और अपनी चूत की तरफ मेरे सर को दबाने लगी। मैंने उसे लंड चूसने को कहा तो उसने मना कर दिया। तो मैंने उसको ज्यादा दबाव नहीं बनाया और उसे फिर घोड़ी बनाते हुए उसकी चूत पर अपना लंड रखकर रगड़ने लगा।

वह मचलने लगी और बोली प्लीज़ दिलशान मुझे अब और मत तड़पाओ और अपना लंड अंदर डाल दो। फिर मैंने उसकी चूत और लंड रखा और एक जोर का झटका दिया।

क्योंकि उसकी चूत गीली थी इसलिए मेरा आधा लंड अंदर घुस गया। फिर मैंने एक और धक्का दिया तो पूरा लंड अंदर चला गया। अब मैं आपसे जोरदार धक्के दे रहा था और वह भी अपने होठों को छुपाते हुए मजे ले रही थी।

करीब 15 मिनट की नॉन स्टॉप चुदाई करने के बाद मेरे लंड ने पानी छोड़ दिया और इस बीच वह भी दो बार झड़ चुकी थी।

फिर उसने मुझे एक बढ़िया सी किस दी और अपने कपड़े सही करके बाहर अपनी सीट पर जाकर बैठ गई।

फिर मैं अभी थोड़ी देर बाद अपने कपड़े वगैरह ठीक करके बाहर आ गया और उनके बगल में जाकर बैठ गया। हम दोनों ने एक दूसरे के नंबर ले लिए थे और हम दोनों की सीट भी एक ही डब्बे में थी।

फिर रात को 8:00 बजे के करीब ट्रेन आ गई और हम सभी बैठ कर। लेकिन मेरा ध्यान सिर्फ अर्पिता पर ही था।

फिर रात के करीब 12:00 बजे जब सभी लोग सो गए थे तू अचानक मुझे पैरों पर किसी के हाथ का एहसास हुआ तो मैंने देखा अर्पिता मुझे उठा रही थी।

फिर हम दोनों बाथरूम की तरफ गए और वहां हमने एक बार और अच्छी तरह से सेक्स किया। इस बार तो मैंने उससे अपना लंड भी चूस वाया।

फिर हम बाथरूम से एक-एक करके बाहर निकले और अपनी अपनी सीट पर जाकर सो गए।

अगले दिन करीब रात के 3:00 बजे हम बेंगलुरु पहुंच गए। मैं वहां उतर गया लेकिन उन्हें आगे चेन्नई की तरफ जाना था।

इसलिए मैंने उनको बाय बोला और वहां से चला गया। आज भी फोन पर मेरी बातें उनसे होती रहती है।