भाभी ने नौकर के लंड से की संतुष्टि

दोस्तों यह कहानी एक भाभी की है जैसे उसने अपने पति की चुदाई से संतुष्टि ना मिलने पर घर के नौकर से चुदाई कैसे करवाई।

विमला भाभी की शादी को 10 साल हो चुके थे। अब तक उन्हें कोई भी संतान पैदा नहीं हुई थी। विमला भाभी के पति और विमला भाभी कई बार बच्चा पैदा करने की कोशिश कर चुके थे। कई हॉस्पिटलों के भी चक्कर लगा चुके थे।

कोई बाबा और तांत्रिकों से भी मिल चुके थे। पता नहीं कितना ही रुपया उन्होंने खर्च कर दिया था। विमला भाभी संतान पैदा ना होने के कारण काफी उदास रहने लगी थी। उसके स्वभाव में भी काफी कड़वाहट आ चुकी थी।

विमला भाभी के पति ज्यादा देर तक सेक्स नहीं कर पाते थे। वह बहुत जल्दी थक जाते थे इस कारण विमला भाभी कभी भी संतुष्ट नहीं हो पाती थी और हमेशा इस बात की शिकायत अपने पति से करती रहती थी। उसके पति हर बार इस बात को टाल देते थे।

वह अपने पति से कहती थी कि शिलाजीत की गोली खाकर किया करो ताकि थोड़ी देर तो कर सको। मुझे बार-बार असंतुष्ट ही रहना पड़ता है। लेकिन मैं भाभी के पति को यह बात सुई की तरह टूट जाती थी और वह गुस्सा होकर विमला भाभी को डांट कर वहां से चले जाते थे।

विमला भाभी के पति को लगता है कि शिलाजीत खाने से उनकी मर्दानगी पर सवाल उठेगा। उसको भी यह बात समझनी चाहिए कि विमला भाभी को संतुष्ट करना सबसे ज्यादा मायने रखता है। विमला भाभी के घर में एक नौकर काम करता था जिसका नाम रामू था। वह घर के सारे काम करता था और रात को घर के कोने में बने छोटे से मकान में जाकर सो जाता था वही उसका रैन बसेरा था।

रामू बहुत ही भोला और आज्ञाकारी नौकर था। अपने मालिक  तथा मालकिन की हर बात मानता था। और छोटे से गांव से था शहर नौकरी करके पैसा कमाने के लिए आया हुआ था। उसकी बीवी गांव में रहती थी और उसके दो बच्चे थे। उसकी उम्र अभी 24 साल थी लेकिन जल्दी शादी हो जाने की वजह से के दो बच्चे भी हो चुके थे।

जब विमला भाभी अपने पति से संतुष्ट ना हुई तो उनका ध्यान अब इधर उधर भटकने लगा था। वह अपनी सेक्स की प्यास बुझाने के लिए किसी मर्द को ढूंढ रही थी। उनकी है तलाश बहुत जल्दी ही खत्म हो गई। जो उसकी सेक्स की प्यास बुझा सकता था वह तो उनके घर में ही रहता था। एक दिन की बात है रामू चाय लेकर मालकिन को देने जा रहा था तो उसने देखा कि विमला भाभी के रूम का दरवाजा खुला हुआ है।

विमला भाभी अंदर बैठकर हस्तमैथुन कर रही थी और उन्होंने एक खीरा भी अपने पास रखा हुआ था जो वह अपनी चुत के अंदर बाहर कर रही थी। इतना देखते ही रामू का लंड खड़ा हो गया और पयजामे के बाहर से दिखने लगा। वह डर गया और चाय लेकर वापस रसोई की तरफ जाने लगा।

तभी अचानक विमला भाभी की नजरें रामू पर पड़ी और उसने रामू को वहां से जाते देख लिया। अब तो विमला भाभी क्यों जैसे ठान लिया था कि रामू भी वही आती है जो उसके सेक्स की प्यास को मिटाएगा। फिर क्या था मौका मिलते ही नहीं जब शाम को घर पर कोई नहीं था तो विमला भाभी ने रामू को अपने रूम में बुला लिया और उससे पूछा कि तुमने दोपहर को कुछ देखा तो नहीं।

रामू समझ गया कि भाभी ने उसे वहां देख लिया था वह किसने भाभी से कहा भाभी मुझे माफ कर दो मैंने जानबूझकर नहीं देखा था। भाभी ने बोला कोई बात नहीं लेकिन इसकी सजा के तौर पर तुम्हें कुछ करना होगा। रामू ने कहा कि वह कुछ भी करने को तैयार है। तब भाभी ने बोला कि अपने सारे कपड़े उतारो। रामू थोड़ा सा डर लेकिन भाभी के कहने पर उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए।

भाभी ने भी अपनी साड़ी और ब्लाउज उतार दिया और अब से तो वह ब्रा और पेंटी में थी। इस नजारे को देखकर रामू का लंड पूरा खड़ा हो गया। भाभी ने जब रामू के लंड को देखा तो वो बहुत बड़ा और मोटा था। भाभी ने रामू को कहा कि उसकी ब्रा और पेंटी उतार दो। रामू ने ऐसा ही किया और अब भाभी के कहने पर वह उसकी चुत चाटने लगा।

विमला भाभी के मम्में बहुत बड़े बड़े थे। रामू से रहा नहीं गया और उसने उससे चुचियों पर दांत काट लिया और लिया और मम्मे को जोर जोर से चूसने लगा। विमला भाभी को बहुत मजा आने लगा और वह रामू को शाबाशी देने लगी।

वह बोली वाह रामू और बढ़िया से करो तुमने तो आज मुझे जन्नत के नजारे दिखा दिया। रामू भी उत्तेजित हो गया और जोर जोर से चूसते हुए उसके होठों तक पहुंच गया। को बेतहाशा चूमने लगा भाभी जी रामु जैसे जवान लौंडे के मजे लेने लगी। सभी भाभी ने रामू को कहा कि वह इस तरह लेते और वो उसे कैसे चोदेगा।

मैं बोला घोड़ी बन जाओ मुझे बस इसी तरह से चोदने आता है। विमला भाभी रामू के सामने घोड़ी बन गई और रामू से कुत्तिया की तरह जोर जोर से चोदने लगा। बाबा भी बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई और वह सिसकियां भरने लगी। भाभी के पूरे बदन में करंट दौड़ने लगा क्योंकि उसकी इस तरह चूदाई पहले कभी नहीं हुई थी।

करीबन 5 मिनट तक छोड़ने के बाद भाभी का पानी निकल गया और वो झड़ गई। लेकिन रामू अभी तक पूरे जोश में था और भाभी को बेतहाशा ही चोदते जा रहा था। इसी तरह लगातार काफी देर चोदने के बाद रामू भी अब झरने की कगार पर आ गया।

चोदते चोदते हुई रामू ने अपना सारा माल भाभी की बुर में निकाल दिया। भाभी को ऐसा लगा जैसे किसी ने खोलता हुआ पानी उसकी चुत में डाल दिया हो। रामू थक गया था और वह पलट कर बैड के दूसरी तरफ लेट गया।

भाभी आज पूरी तरह संतुष्ट हो चुकी थी। रामू का माल भी गिर चुका था। एक दो महीने के बाद भाभी गर्भवती भी हो गई। विमला भाभी का पति विमला भाभी के गर्भवती होने पर बहुत खुश था और अपने आप पर बहुत गर्व कर रहा था।

लेकिन असली सच्चाई तो सिर्फ विमला भाभी और रामू ही जानते थे। ये तो भाभी और रामू के प्यार का नतीजा था।