दोस्त की बीवी ने घर बुलाकर करवाई चुदाई

हेलो दोस्तों मेरा नाम लकी है और आज मैं आपके लिए एक नहीं हिंदी सेक्स कहानी लेकर पेश हुआ हूं। यह कहानी मेरे और मेरे दोस्त सोहन और उसकी पत्नी के बारे में है। उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

जैसे कि मैंने आपको बताया मेरा नाम लकी है और मेरा एक दोस्त जिसका नाम सोहन है वो मेरे घर से थोड़ी ही दूर पर रहता है। सोहन मेरा बचपन का दोस्त है और हम दोनों ने साथ में बहुत सारी बकचोडिया की है।

दो साल पहले सोहन की शादी हो गई थी लेकिन उसका हमेशा उसकी बीवी के साथ झगड़ा होता रहता था। इसलिए सोहन और उसकी पत्नी की शादी ज्यादा देर तक ना टिक सके और उन दोनों का तलाक हो गया। क्योंकि सोहन अब अकेला था इसलिए अब वह अपनी दूसरी शादी के लिए लड़की ढूंढने में लग गया।

लेकिन उसे अब रिश्ते नहीं मिल रहे थे। इसलिए वह किसी से भी शादी करने के लिए तैयार हो गया बस उसमें थोड़े बहुत गुण होने चाहिए। और अब उसे एक रिश्ता मिल नहीं गया। जिस लड़की से उसकी शादी होने वाली थी वह लड़की एक बिन ब्याही मां थी और उसका एक छोटा सा बच्चा था।

अब उन दोनों की शादी हो गई और सोहन अपनी बीवी और उसके छोटे से बच्चे के साथ अपने घर में खुशी-खुशी रहने लगा। एक दिन में सोहन के घर गया तो मैंने उसकी बीवी को देखा तो वह बहुत ही हॉट और गजब का माल लग रही थी। थोड़ी सी मोटी थी लेकिन इतनी ज्यादा भी नहीं थी कि आप उसे मोटा कह सको।

उसके बूब्स भी बड़े बड़े थे और वह उस समय कपड़े धो रही थी। मैंने मन ही मन सोचा कौन ऐसा बदनसीब इंसान था जो इसको प्रेग्नेंट करने के बाद छोड़ कर चला गया। लेकिन तभी वह जमीन से कपड़े उठाने के लिए झुकी तो उसके बूब्स के दर्शन मुझे हो गए। एकदम दूध जैसे सफेद बूब्स देख कर मेरा लन्ड खड़ा हो गया।

मैंने किसी तरह लंड को इधर-उधर एडजस्ट करते हुए आराम से बैठा। फिर वह चाय लेकर आई और हम तीनों बैठ कर बातें करने लगे। फिर मैं और सुमन की बीवी एक दूसरे से बातें करने लगे और बातों बातों में ही मैंने अंदाजा लगा लिया कि सोहन की बीवी बहुत तेज है और यह पहले भी कहीं जगह अपनी गांड मरा चुकी है।

मैंने अपनी कुछ और दोस्तों से इसके बारे में सुन रखा था इसलिए जब मैंने उससे बात की तो मुझे यह कंफर्म हो गया कि यह बहुत तगड़ा माल है। अब मैं किसी तरह इस माल के मजे लेना चाहता था। इसलिए मैंने जब उसकी आंखों में आंखें डाल कर देखा तो वह भी मेरे तरफ से एक लालच भरी निगाह से देखने लगी।

जब मैं जाने लगा तो मैंने अपना नंबर सोहन की बीवी को दे दिया। उस दिन के दो दिन बाद ही मुझे उसकी बीवी का कॉल आ गया और हम दोनों बातें करने लगे। काफी देर बातें करने के बाद उसने मुझे बताया कि सोहन तो मुझे संतुष्ट कर ही नहीं पाता।

शायद इसीलिए इसकी पहली बीवी इसे छोड़ कर चली गई। मैंने उससे कहा कोई बात नहीं भाभी जी मै आपको संतुष्ट के देता हूं। तो उसने बोला आ जाओ फिर घर पर इस वक्त कोई भी नहीं है। इतना सुनते ही मै झट से उसके घर की तरफ चल पड़ा।

थोड़ी ही देर में लगा उसके घर पर पहुंच गया और उसके घर की घंटी बजाई। उसने दरवाजा खोला और मैं चुपके से बिना किसी को दिखाई दिए उसके घर के अंदर जा घुसा। उसने नाइट सूट पहन रखा था और नाइट सूट के नीचे ब्रा भी नहीं पहन रखी थी। उसकी चूचियां नाइट सूट के ऊपर से साफ दिखाई दे रही थी।

मैंने उससे कहा वाह तुमने तो सारी तैयारियां पहले से ही करके रखी हुई है। वह मेरी तरफ देख कर मुस्कुराई और अपनी गाड़ी चलाते हुए मुझे अपनी और बुलाने लगी। मैं भी तेजी से जाकर उससे चिपक गया और उसके बूब्स को अपनी छाती से टकराते हुए महसूस किया।

जैसे ही उसके बूब्स मेरे शरीर को टच में मेरा लन्ड अकड़ कर पूरा खरा हो गया। मैंने उसे गोदी में उठाया और सोफे पर पटक दिया। फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और उसके होंठों को चूमने लगा। उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे लन्ड को पकड़ कर हिलाने लगी। उसने अब मेरा लन्ड अपने मुंह में ले लिया और मेरे लन्ड के चूपे लगाने लगी।

वह लॉलीपॉप की तरह मेरे लन्ड को लगातार जूते ही जा रही थी। बीच-बीच में फोटो मेरे लंड पर ठीक से कर उसे पूरे लंड पर लगा देती। वो पूरी रंडियों की तरह सारा काम कर रही थे। अब मैंने उसके बूब्स को हम सुनना शुरू किया और उसकी चुत में उंगली करने लगा। फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया वह अपना लन्ड उसकी चुत पर रखते हुए एक ही झटके में पूरा लन्ड उसकी चुत के अंदर घुसा दिया।

वह चिल्ला उठी। लेकिन मैंने उसके बाल पकड़े और उसको अपनी तरफ खींचते हुए जोर जोर से झटके देने लगा। अब वो भी नशीली सेक्स भरी आवाज निकालने लगी। अब मैं उसे तेजी से चोद रहा था। वह भी अब गांड मटका मटका कर चूद रही थी। अब मैंने नीचे से अपने हाथ उसके बूब्स पर रखे और उन्हें दबाते हुए उसे चोदने लगा।

थोड़ी ही देर में वो झड़ गई और मैंने अपना लन्ड उसकी चुत से निकाल लिया और मेरा मन किया की मैं उसकी गांड मारू। फिल्म गाने अपना भी उसकी गांड के छेद पर रखा और धीरे-धीरे पूरा लन्ड उसकी गांड की जड़ों तक घुसा दिया।

क्योंकि उसकी गांड का छेद बहुत टाइट था इसलिए जैसे मेरा लन्ड उसकी गांड के अंदर घुसा वह दर्द के मारे कराहने लगी। लेकिन थोड़ी देर तक मैंने उसे सह लाया और फिर तेजी से जोर जोर से उसकी गांड मारने लगा। काफी देर तक उसकी गांड मारने के बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उसके बूब्स को कस कर पकड़ा और उसकी पीठ पर दांत काटते हुए अपना सारा माल उसकी गांड के अंदर ही निकाल दिया।

वह जोर से एक आह भरते हुए लेट गई और मैं भी उसके ऊपर लेट गया। मैंने उससे पूछा क्यों संतुष्ट हुई कि नहीं तुम। वो बोली तुमने तो मुझे पूरा संतुष्ट कर दिया आगे से भी और पीछे से भी। मैंने कहा कोई बात नहीं जान जब भी तुम्हें सेक्स की जरूरत हो मुझे एक फोन कर देना।