भाभी और ननद की कमाल की जुगलबंदी – 2

हेलो फ्रेंड्स हाजिर हूं मैं आज से अपनी कहानी का दूसरा भाग लेकर। कहानी का पहला भाग आप यहां पढ़ सकते हैं – भाभी ननद की कमाल की जुगलबंदी -1

जैसे कि आप पहले भाग में पढ़ ही चुके हैं कि मेरा नाम रेशमा है और एक दिन जब भाभी घर पर नहीं थी तो मैंने उनके वाइब्रेटर से मजे लिए और जब भाभी वापस आए तो हम दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी मुझे किए और प्लास्टिक के लंड से चुदाई भी की। अब आपको मैं आगे की कहानी बताती हूं।

कुछ दिनों बाद भाभी बीमार पड़ गई और घर का काम करने के लिए हमने एक नौकर रख लिया। क्योंकि भैया किसी काम से हफ्ते भर के लिए बाहर जाने वाले थे इसलिए हम दोनों भाभी ननद घर में अकेले रहने वाले थे इसलिए घर के काम में हाथ बताने के लिए एक नौकर भैया ने रख लिया। और अगले दिन में भइया चले गए।

भाभी की हालत 2 दिनों के बाद थोड़ी सी सुधरी। अब भाभी थोड़ा बहुत काम कर लेती थी और इधर उधर टहल भी लेती थी। फिर क्या था उसके अगले दिन मैंने भाभी से कहा भाभी क्यों ना आज फिर मजे किए जाएं। भाभी ने मुझे का तेरी चुत में तो बहुत कुछ नहीं होती है तुझे तो हर बार मजे ही करने हैं।

मैंने आव देखा ना ताव भाभी को बिस्तर पर लेटा दिया और उनकी बाहों को पकड़कर उनके होठों पर होंठ रखकर उन्हें चूसने लगी। भाभी इसमें भी थोड़ी देर मुझे किसिंग की लेकिन बाद में मुझसे कहा कि लगता है तेरी चुत की प्यास किसी लंड से ही बुझेगी। उसने कहा कोई बात नहीं तेरी चुत की प्यास बुझाने का प्रबंध भी मेरे पास है।

उसके बाद हमने एक दूसरे को अच्छी तरह से चूसा और एक दूसरे की चुत चाटी। उसे अपने दिन की बात है नौकर घर के काम कर रहा था वह तो भाभी ने उसे अपने कमरे में बुलाया और उससे कहा कि कितना कमा लेते हो महीने का। उसने कहा भाभी ₹10000 तक कमा लेता हूं।

फिर भाभी ने कहा तुम मेरा एक काम करोगे तो तुम्हें इसी वक्त ₹2000 दूंगी। वो बोला भाभी जी आप काम बताइए मैं करने को तैयार हूं। उसने कहा तुम्हें किसी को संतुष्ट करना होगा। वह पहले भाभी को बात समझा नहीं तो भाभी ने कहा कि तुम्हें किसी से सेक्स करके उसे संतुष्ट करना होगा। और वह कोई नहीं बल्कि मैं और मेरी ननद ही है।

पहले तो उसने आनाकानी की लेकिन जब उसने मेरी फिगर की तरफ देखा तो उसके होश उड़ गए हो तो बोला जैसा आप चाहें वैसा करूंगा। फिर क्या था हम तीनों अपने अपने कपड़े उतार कर भाभी के बेड पर आ गए और वह भाभी के बूब्स को चूसने लगा और मैं भाभी की चुत को चाटने लगी और एक हाथ से नौकर का लन्ड पकड़ लिया।

मैं लंड को उपर नीचे कर रही थी और उसके लन्ड की गर्मी को महसूस कर रही थी। फिर क्या था किसने भाभी को घोड़ी बनाया और पीछे से उनकी चुत में अपना लन्ड डाला और उन्हें ठोकना शुरू कर दिया। भाभी ने मुझे अपनी ओर खींच लिया और मुझे लेटा कर अपने जीभ से मेरी चुत को चाटने लगी।

नौकर अब भाभी की जोरदार चुदाई कर रहा था जिससे भाभी सिसकियां भर रही थी वह अब वह मेरे बूब्स को मसल रही थी। खेत नौकर ने मुझे अपनी तरफ आने को कहा और इसमें मेरे होठों पर अपने होंठ रख कर मेरे होठों का रस पीना शुरु कर दिया।

मैं भी उसके बदन की गर्मी महसूस कर रही थी और उसके साथ लिपट गई। कितनी देर में भाभी भी झड़ चुकी थी इसलिए उसने अपना दल भाभी की चुत में से बाहर निकाल लिया और मेरे हाथ में थमा दिया। मुझे उसका बड़ा और मोटा लन्ड बहुत मजेदार लग रहा था और मैंने उसे अपने मुंह में लेकर चूसने शुरू कर दिया।

भाभी पीछे से मेरी गांड और चुत में भी उंगलियां करी जा रही थी। जिससे कि मुझे बहुत मजा आ रहा था और मैं और जोर-जोर से नौकर के लंड को चूस रही थी। नौकर ने मुझे अपने लन्ड के ऊपर बैठाया और धीरे-धीरे अपना पूरा लन्ड मेरी चुत के अंदर घुसा दिया। मुझे काफी दर्द हुआ तो उसने मेरे बूब्स को चलाना शुरू कर दिया और भाभी ने मेरे होठों पर हाथ रख कर किस्स करते हुए मेरी पीठ को सहलाना शुरू कर दिया।

उसका लन्ड मेरी चुत में पूरा घुस चुका था और भाभी का सहलाना मेरे बदन के अंदर बिजली का करंट दौड़ा रहा था। अब उसने धीरे-धीरे अपना लन्ड ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया था और मुझे भी मजा आना शुरु हो गया था। अब मैं जोर-जोर से सिसकियां भर रही थी और ओह… अम्महह…  आःह्हह…. जैसी सेक्सी आवाज निकाल रही थी।

जब उसने देखा कि मुझे चुदाई का मजा आना शुरु हो गया तो उसने मुझे और जोर-जोर से चोदना शुरु कर दिया। अब उसने मुझे भी घोड़ी बना लिया और पीछे से मेरी चुत में लंड डालकर देसी स्टाइल में चोदने लगा। मेरी चुत फाड़ चुका था वह मेरी चुत में से थोड़ा-थोड़ा खून भी बहने लगा था।

लेकिन मुझे जुदाई का उस वक्त बहुत मजा आ रहा था इसलिए मैं भी और जोर-जोर से चुद रही थी और मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सी संतुष्टि की लहर दौड़ रही थी। मैं अब तक दो बार झड़ चुकी थी और शायद नौकर भी झड़ने वाला है इसलिए अपना लन्ड उसने मेरी चुत से बाहर निकाला और भाभी के हाथ में थमा दिया भाभी लंड ऊपर नीचे करके हिलाने लगी और उसका सारा माल मेरे बूब्स के ऊपर आ गिरा। उसका गरम गरम माल जब मेरे बूब्स पर गिरा तो मुझे एक अजीब तरह की गर्मी अपने शरीर के अंदर जाती हुई महसूस हुई।

फिर क्या था नौकर ने मुझे और भाभी दोनों को संतुष्ट कर दिया था। मुझे तो कुछ ज्यादा ही संतुष्टि हो गई थी। नौकर ने अपने कपड़े पहने और वह वहां से चला गया। फिर भाभी ने मेरे चुत पर लगे खून को साफ किया और मेरे बूब्स को भी रुमाल से साफ किया।

अब दर्द के मारे मुझसे उठा नहीं जा रहा था तो भाभी ने मुझे पेन किलर खाने को दिया और मैं पेन किलर खा कर भाभी के पास ही बैठ गई। अब रात हो गई थी और हम सोने वाले थे लेकिन मैं भाभी के बगल में जाकर सो गई और हम दोनों रात में एक दूसरे से किसिंग करते हुए और लिपट कर सोए। वह दिन और वो रात मेरी जिंदगी के सबसे खूबसूरत तक पल थे।