भाभी और नाई ने एक दूसरे की प्यास बुझाई – 2

पिछला भाग – भाभी और नाई ने एक दूसरे की प्यास बुझाई – 1

अब भाभी और नाई दोनों के बीच करीबियां बढ़ चुकी थी। किसी ना किसी तरह वो एक दूसरे से बस्थ कर ही लेते थे। फोन नंबर तो भाभी के पास था ही जब भी घर पर कोई नहीं होता तो वो नाई को फोन घुमा देती थी।

दोनों में घंटों तक बातें होने लगी। अब भाभी का गुजारा अपने पति के छोटे लंड से नहीं होता था। उस तो अब नाई जैसा ही बड़ा लंड चाहिए था।

एक दिन की बात है भाभी के देवर उसे नाई से फोन पर बातें करते हुए सुन लिया। देवर को यह तो पता लग गया कि भाभी किसी से बातें कर रही है पर उसे ये नहीं पता था कि वो किस से बातें कर रही हैं।

अब देवर भी भाभी पे मरता था और उसकी चुत तो उसे भी मारनी थी। फिर क्या था वो भाभी की जासूसी करने लगा। एक दिन उसने भाभी को नाई से सेक्स करने की योजना बनाते हुए सुन लिया।

फिर क्या था उसने भाभी को अब रंगे हाथों पकड़ लिया था। उसने भाभी को बोला, “भाभी जी में बड़े दिनों से देख रहा हूं कि आप फोन पर घंटो बातें करती रहती हैं, किससे होती है इतनी सारी बातें।”

इतना सुनते ही भाभी डर गई और बोली, “किसी से नहीं वो मेरी एक सहेली है बस उसी से बातें करती रहती हूं।” लेकिन देवर सब जानता था और उसने भाभी को बताया कि उसे सबकुछ पता चल गया है कि आपने और उस नाई ने क्या क्या गुल खिलाए है।

भाभी इतना सुनते ही दर गई और कहने लगी देवर जी मुझसे अनजाने में बहुत बड़ी गलती हो गई प्लीज ये बात अपने भैया को मत बताना। देवर ने कहा कि आप क्यों टेंशन लेती है मेरे होते हुए किसी को कुछ पता नहीं चलेगा लेकिन उसके बदले में मुझे क्या मिलेगा।

भाभी समझ गई कि इसे भी अपने लन्ड की प्यास बुझानी है। तब भाभी ने पूछा कि क्या चाहिए तुम्हे। देवर ने कहा कि वही जो उस नाई को दिया आपने। भाभी ने कहा ठीक है कल तुम्हारे भैया काम से बाहर जा रहें है तब तुम्हे वो चीज़ मिल जाएगी।

देवर खुश हो गया। लेकिन भाभी को तो नाई से अपनी चुदाई करवानी थी। उसने देवर से कहा कि तुम्हारा कहीं तुम्हारे भाई जितना छोटा तो नहीं है। नाई की तरह बड़ा भी है या नहीं। यह सुनकर देवर को थोड़ा बेइज्जती महसूस हुई।

उसने भाभी को कहा बुला को नाई को भी देख लेते है कि किसका बड़ा है। फिर क्या था भाभी ने हा कर दी और फोन पर नाई को अगले दिन चुदाई के लिए न्योता भेज दिया।

अगले दिन भाभी का पति घर से जल्दी चला गयाऔ उसका बेटा स्कूल चला गया। फिर नाई भी उनके जाते ही भाभी के घर पहुंच गया। भाभी ने नाई को सारी बात बताई। पहले तो नाई थोड़ा डर गया लेकिन भाभी के हौसला देने पर वो थोड़ा संभला।

इतने में देवर भी आ गया और भाभी को बोला कि इसी से चूसने जाती थी देख आज मै तुझे कैसे चोदता हूं। भाभी ने कहा कि तुम दोनों मुझे एक साथ चोदोगे या एक एक कर। देवर ने कहा तुझे बड़ी चूल मची है ना आज हम दोनों तेरी सारी प्यास मिटा देंगे। इतना कहते ही वो भाभी के कपड़े उतारने लगा। और अपने कपड़े भी उतार दिए।

भाभी को नंगा देखकर उसका लन्ड पूरा तनकर खड़ा हो गया। नाई ने भी अपने कपड़े उतार दिए। अब देवर भाभी को किस करने लगा और नाई उसकी चुत में उंगलियां करने लगा। भाभी को आनंद आ रहा था। फिर देवर ने अपना लन्ड भाभी के मुंह में घुसेड़ दिया और उससे चूसने लगा।

भाभी जिसे पूरी मस्ती चड़ी हुई थी वो भी लंड को जोर जोर से चूसने लगी। नाई भाभी के मम्मे चूसने लगा। भाभी को तो आज पूरा आनंद मिलने वाला था। अब देवर ने भाभी को बेड पर लेटाया और चुत पर एक पप्पी करते हुए लंड उसकी चुत पर रख दिया। ना

ने अपना लन्ड भाभी के मुंह में डाल दिया और उसे चूसने को कहा। इतने में देवर ने भी लंड को धक्का मार के अपने लन्ड भाभी की चुत के अंदर पूरा का पूरा घुसेड़ दिया। भाभी मजे से ओह, आह्हह की आवाज़ें निकालने लगी। भाभी को तो आज चरम सुख की प्राप्ति होने वाली थी क्योंकि दो दो मर्द जो उसे आज चोद रहें थे।

फिर देवर ने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसके चुत की चुदाई करने लगा। नाई भाभी के नीचे लटके हुए मम्मे को चूसने लगा और अपना लन्ड भाभी के मुंह में डाल दिया।देवर भाभी को अब जोर जोर से चोदने लगा।

एक तरफ चुदाई ओर दूसरी तरह चूसाई से भाभी को बहुत मजा आ रहा था। इसी तरह दी तीन मिनट चोदने के बाद देवर ने अपना माल भाभी की गान्ड पर निकाल दिया और नाई को बोला अब तू भी चोद ले। नाई ने भाभी को कहा कि आज मै तेरी गान्ड मारूंगा क्योंकि चुत तो तेरी मै पहले ही मार चुका हूं।

तभी देवर को किसी काम से फोन आया और वो चला गया। लेकिन अब नाई ने अपना लन्ड तैयार किया और भाभी की गान्ड में और अपने लंड ओर तेल लगा लिया। उसने गान्ड की छेद पे अपना लन्ड रखा और अंदर धकेलने लगा। भाभी की गान्ड बहुत टाईट थी।

लेकिन जैसे ही उसने धक्का दिया तो लंड का अगला हिस्सा अंदर घुस गया। भाभी दर्द से चिल्ला उठी। वो बोली बहुत दर्द हो रहा बाहर निकालो और चुत मार लो। लेकिन नाई तो उसकी गान्ड मारना चाहता था इसलिए उसने उसके बूब्स को दबाया और थोड़ा और जोर लगा कर पूरा लन्ड घुसा दिया और जोर जोर से खटके देने लगा।

थोड़ी देर में भाभी का दर्द ख़तम हुआ और वो भी चुदाई के मजे लेने लगी। इसी तरह काफी डर चोदने के बाद नाई ने अपना सारा माल उसकी गान्ड में ही निकाल दिया।

दोनों अब थक गए थे और लेट गए। फिर थोड़ी देर बाद उठे और अपने अपने कपड़े पहने। तभी नाई ने भाभी को एक गिफ्ट दिया जिसमें एक पैंटी थी। भाभी ने कहा वाह तुम्हे याद था। नाई ने कहा ये मै कैसे भूल सकता हूं मेरी जान। बस अपने देवर का थोड़ा सा ध्यान रखना।

भाभी को ऐसा चरम सुख पहली बार प्राप्त हुआ था। अब तो वो कभी भी इस सुख की प्राप्ति कर सकती थी यह सोचकर वो बहुत खुश थी।