पडोसी के बड़े लंड से चुदवाने की खाव्हिश

दिल्ली में शिफ्ट हुए थे, अकरम और सलमा. अकरम एक बैंक में जॉब करता था और सलमा अभी तो खाली थी और घर पर थी. अकरम और सलमा की शादी को कुछ ही महीने हुए थे और वो लोग लखनऊ से शिफ्ट हुए थे. अकरम की अम्मी तो सलमा को भेजना नहीं चहा रही थी. लेकिन नयी दुल्हन होने की वजह से अकरम का लंड प्यासा था और वो उसको जबरदस्ती ले आया था.

एक हफ्ता तो अकरम को होटल मिल गया, बैंक की तरफ से. लेकिन घर तो लेना ही था. बैंक में एक ब्रोकर आते थे शर्मा जी. शर्मा जी की उम्र कोई ५० साल होगी, लेकिन उनको देखकर कोई ३५ से ज्यादा नहीं बोल सकता था. एकदम तना और सधा हुआ बदन और चौड़ी छाती. जब अकरम ने उनको घर के लिए बोला, तो शर्मा जी ने उनको अपने पड़ोस वाले फ्लैट के लिए बोल दिया. शर्मा जी ने शाम को खाने पर बुला लिया उनको.

अकरम और सलमा शाम को  गए. शर्मा जी की वाइफ उनके मुकाबले में ज्यादा उम्र की लगती थी और कुछ कमर की तकलीफ की वजह से. जब सलमा ने शर्मा जी को देखा, तो उसको अकरम फीका लगने लगा. बैठने की जॉब की वजह से अकरम का पेट निकल आया था और एकदम सुस्त हो गया था. ६ महीने की शादी में, सलमा को अपनी चुदाई में कभी भी मजा नहीं आया. इस वजह से उन दोनों में नयी शादी वाले कपल वाली बात नहीं थी.

बातो – बातो में, शायद शर्मा जी ये भाँप गए थे. शर्मा जी का लंड भी कब से प्यासा था. शर्मा जी ने कुछ ऐसा बोल दिया, जिससे सलमा शर्मा गयी और उसकी प्यासी नजरे शर्मा जी की छाती में जा कर अटक गयी. अकरम को घर पसंद आ गया और नेक्स्ट संडे उन लोगो ने शिफ्ट कर लिया.

शर्मा जी ने सलमा को खाना बनाने नहीं दिया और, जब तब उसका घर सेट नहीं हुआ, उनके घर से खाना जाता रहा. शर्मा जी की २२ साल की बेटी थी. सलमा से अच्छी बनी उसकी.

महीना निकल गया. सलमा की चुदाई का नशा उसके ऊपर हावी होने लगा था. अकरम थक के घर आता और २-३ झटके मार कर सो जाता. उसकी चुत प्यासी रह जाती. उसकी शादी से पहले, उसकी एक सहेली मीना की शादी हुई थी. उसने जो उसको बताया था अपने पति के बारे में.. अकरम तो कुछ भी नहीं था. लेकिन, उसकी उम्मीद शर्मा जी पर लग गयी. वो हर सुबह बिल्डिंग के पार्क में एक्सरसाइज करते थे. उनकी छाती और उनके डोलो को देख कर, किसी का भी पानी छूट जाए. और जब वो सलमा से बात करते थे, तो उसकी नजरे उनकी छाती से हटती ही नहीं थी.

शर्मा जी को शायद अहसास था और वो उसकी हवस को और भड़का रहे थे. मानसून था, तेज बारिश थी. शर्मा जी  की वाइफ और बेटी उनकी ससुराल गयी हुई थी. अकरम ने सलमा को फ़ोन किया, वो बारिश में फंस गया और रात को एक दोस्त के फ्लेटपर ही  रुकने वाला था. लेकिन, उसने शर्मा जी के घर पर किसी के ना होने बात बोल दी थी. सलमा के दिमाग में कुछ – कुछ पकने लगा. उस फ्लोर पर सिर्फ शर्मा जी और उसका ही घर था. उसने शर्मा जी के लिए अच्छा खाना बनाया और नहाकर एकदम टाइट लेग्गिंग और लो नेक टॉप डाला.

जब उसने अपने को शीशे में देखा, तो अपने से बोली, साला शर्मा का लंड मुझे देखते ही भूचाल ना ला दे, तो कहना. फिर हलके से मुस्कुरा कर वो खाना लेकर उनके घर गयी. डोरबेल बजायी और जैसे ही शर्मा जी ने दरवाजा खोला, उनकी नजर उसके बड़े – बड़े चुचो पर अटक गयी.

सलमा ने बड़े अंदाज में बोला – “क्या हुआ?” खाना लायी हु, अंदर नहीं आने देंगे?

शर्मा जी को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने उसको सॉरी बोला और सलमा को अंदर आने दिया. शर्मा को अहसास हुआ, कि वो सिर्फ टॉवल में है और उनका लंड पहले ही तम्बू बना चूका था. सलमा ने भी देख लिया और उसकी नजरे उसी पर गड़ी थी. आज सलमा ने सोच लिया था, कि अपनी प्यास बुझाये बिना नहीं मानेगी, ऐसा मौका फिर मिले ना मिले.

जैसे ही शर्मा जी अंदर जाने लगे, सलमा ने उनको बोला, ऐसे में मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है. आप खाना खा लीजिये.

शर्मा जी को कन्फर्म हो गया, की आज चुत में गर्मी जयादा है और वो चुदवाने के लिए तड़प रही है. शर्मा जी का लंड भी कब से प्यासा था. उनकी नजर पहले दिन से ही सलमा पर थी, बस अकरम की वजह से वो आगे नहीं बढ़ रहे थे. लेकिन आज चुत खुद ही आ गयी थी.

शर्मा जी ने बिना कुछ सोचे हुए, एकदम से सलमा को पकड़ लिया और उसका सर अपनी चौड़ी छाती में घुसा दिया.

सलमा को ऊपर उनके बदन की खुशबु का अहसास हुआ और अपनी चुत पर उनके मोटे लंड का. एकदम से कामुक आह निकल गयी उसके मुँह से. शर्मा जी का तीर एकदम निशाने पर लगा. शर्मा जी ने अपनी बाहो में उसको उठाया और बैडरूम में ले कर बेड पर पटक दिया. अपना टॉवल निकाल दिया.

अब सलमा की आँखों के सामने, एकदम काला बड़ा साँप की तरह लहराता हुआ, शर्मा जी का लंड था. सलमा की चुत ने पहला पानी तो उसके स्पर्श से ही छोड़ दिया था. सलमा ने भी लंड को एकदम से हाथ पकड़ लिया.

कहने को तो, सलमा ने सेक्स किया था. लेकिन उसको कुछ मालूम नहीं था. शर्मा जी समझ गए, चूत ऑलमोस्ट नयी ही है.

शर्मा जी ने उसके कपडे फाड़ दिए और ब्रा भी एकदम खींच ली. सलमा के मुँह से एक चीख निकल गयी.

शर्मा जी ने उसको धक्का दे कर पलंग पर गिरा दिया और उसके बड़े चुचो को हाथ में भर कर अपने मुँह में घुसा लिया.

किसी प्यासे बच्चे की तरह चूस रहे थे. टिट्स एकदम टाइट थे. सलमा को इतना मजा कभी नहीं आया था. शर्मा जी प्यासे थे, तो एकबार मजा लेना चाहते थे. उन्होंने जल्दी से उनको नंगा किया और उनकी चिकनी चुत को देख कर मुस्कुराते हुए लार गिरा रहे थे. सलमा शर्मा कर बोली, यहाँ आने से पहले ही साफ़ किये है.

उसने बोला, मैंने अपनी सहेली से सुना है कि चुत चटवाने में बड़ा मजा आता है लेकिन, अकरम कुछ नहीं करता है. आप मुझे वो मजा करवा दो.

शर्मा जी हँसे और बोले, वो बच्चा है आज इस कमसिन कली को फूल बना देते है और बोलते – बोलते, जोर से एक ऊँगली उसकी चुत में घुसा दी. जोर से चीख निकल गयी उसकी और उसने अपने नाख़ून उनके कंधो में गड़ा दिए.

शर्मा जी ने सलमा की दोनों टांगो को खोला और अपना मुँह उसकी गुलाबी चुत पर रख दिया. जैसे ही शर्मा जी ने उसकी गुलाबी चुत पर अपनी जीभ चलायी, उसने पानी छोड़ दिया और उसके मुँह से आह्हः निकल गयी.

जैसे – जैसे शर्मा जी की जीभ चल रही थी, सलमा की गांड चल रही थी और उसके मुँह से ाहः अहाहाः ओह्ह क्या मजा है निकल रहा था और उसके हाथ शर्मा जी के बालो को खींच रहे थे.

५ मिनट के बाद, शर्मा जी का भी माल निकलने को बेताब था. तो उन्होंने सलमा की दोनों टांगो को खोला और अपने लंड उसकी चुत पर टिका दिया. इस बार सलमा को डर लगा. अकरम का लंड को शर्मा जी के लंड के सामने बहुत छोटा था. वो कुछ बोलती, उस से पहले ही शर्मा जी धक्का मार चुके थे. लंड और चुत दोनों बहुत गीले थे और लंड सररररर से अंदर घुस गया और अपनी जगह बना ली. लेकिन सलमा के मुँह से चीख निकल गयी और उसने शर्मा जी के बदन में नाख़ून खड़ा दिए. वो रोने लगी.

उसने शर्मा जी को बाहर निकलने का रिक्वेस्ट किया. लेकिन, शर्मा जी ने एक और जोर का धक्का मारा और लंड को पूरा उसकी चुत में उतार दिया. शर्मा जी तो सलमा की चुदी हुई चुत, एकदम नयी लग रही थी. सलमा जोर – जोर से रो रही थी और जाने को बोल रही थी. शर्मा जी उसको गालिया दे रहे थे. बोल रहे थे “रांड तू ही तो आयी थी चुदवाने. तेरी ही चुत में बहुत गर्मी थी”.

अब क्यों मना कर रही है. शर्मा जी ने उसके होठो को अपने दातो से चबा लिया और लंड को कुछ देर रोक कर धीरे – धीरे चलाना शुरू किया. कुछ दर्द कम होने के बाद, सलमा ने भी अपनी गांड को हिलाया और उसको मजा आने लगा. १० मिनट के धीरे धक्को के बाद, शर्मा जी अपना पानी उसकी चुत में निकाल दिया. सलमा का पानी कितनी बार छूटा, उसको पता नहीं चला. लेकिन उसका बदन पूरी तरह से टूट गया था.

दोनों साथ में नहाए और खाना खा कर कर, शर्मा जी ने उसको घर भेज दिया और बोला – “पहली बार के लिए इतना काफी है” कल दिन में मजा  करेंगे. घर आकर जब, सलमा ने अपनी चुत को देखा, तो वो पूरी तरह से सूज चुकी थी. लेकिन, आज पहली बार उसकी लंड और चुत के खेल का अहसास हुआ. अचानक से उसको अकरम का याद आया और उसको फ़ोन लगा कर बात की. फिर वो बेड पर ले कर अकरम से बहाना बनाने के बारे में सोचते हुए सो गयी.