माँ के मुंह में लंड डाला

पहले ही बोलता हूं, ये कोई कहानी नहीं, मेरे जिंदगी का सच है…. मेरा नाम बृजेश कुमार है..मैं और मेरी मां बिहार के एक छोटे से गांव में रहते हैं। मेरा उमर अभी 28 साल है और मेरी मां की उमर है 50 साल.. मेरे मां का नाम है सुशीला यादव। पापा बचपन में गुजर गए थे.. उसके बाद से मैं और मेरी मां अकेले रहते हैं। माँ ने मेरे लिए कभी दसरी शादी नहीं की।

मेरा मां दिखने में गोरी है और मोटी भी… उनके बल ज्यादा तार सफेद हो गए हैं उमर की वजह से। मुझे पे झुरिया पर गई है… पर उनका बड़े बड़े बूब्स, साइज में 36 है…. और चुतड़, जैसे की कोई गमला। जब मां चलती हैं, तब उनके स्तन और चुतड़, इतना ऊपर आला हिलती है की कोई भी इंसान पागल हो सकता है… मां को पाने के लिए।

मेरा दोनो हाथ जनम से ही लकवा मारा हुआ है.. इस लिए छोटे उमर से न मेरा पढाई बराबर से हो पाया न कोई लड़की मिली न काम काज मिला। मेरा मां मुझे लेकर बहुत चिंता में रहती है।

एक तो मेरा हाथ कम नहीं करता, ऊपर से मैं बहुत स्लिम हूं। छोटे उमर में मुझे काला बुखार हुआ था… तब से मेरा रंग भी थोड़ा काला पड़ गया… कोई भी लर्डी मुझे पसंद नहीं करेगा…

मैं खुद से कोई भी काम कर नहीं पाता हूं। मेरी माँ छोटे उम्र से ही मुझे खिलाती है, पैंट पहनाती है, हर रोज़ बाथरूम में नहलाती है..

जब माँ मुझे नहलाती है, तब मैं बहुत गरम हो जाता हूँ… तब मुझे मेरी माँ के बारे में गंदे-गंदे ख्याल आते हैं.. छोटे से उम्र से ही मेरा लंड थोड़ा लम्बा है.. माँ जब नहलाती है तो मेरा लंड खड़ा हो जाता है.. जब पहली बार ऐसा हुआ तब मेरी उम्र थी ६ साल..

हर रोज़ की तरह उस दिन भी मुझे नेहला रही थी.. माँ ने मेरे लंड पर साबुन लगते ही मेरा लंड फुल गया… उस दिन माँ मुझे बहुत बुरा-भला कहा और थप्पड़ भी लगाया… और बहुत रोइ भी.. क्या करे? हो जाता है ऐसा..

उसके बाद से माँ मुझे चड्डी पर ही नेहलाती है.. दूसरे तरफ मुंह घुमा के मेरे चड्डी के अंदर पानी डाल के फिर बांध कर देती है.. इस तरह से २८ साल निकल गए.. अब माँ की उम्र हो गयी है..

मुझे पूछती है – बेटा.. मैं क्या करूँ? मेरे बाद तू क्या करेगा? क्या होगा तेरा? कैसे चलेगा?

माँ के उम्र हुआ तो क्या? मैं देखता हूँ तो मेरा लंड लोहे की तरह सख्त हो जाता है..

माँ हमेशा मुझे चड्ढी में रखती है.. माँ जानती है मैं एक जवान लड़का हूँ.. मेरा लंड खड़ा होता है.. और मेरा लंड का साइज १० इंच है.. शरीर के तुलना में लंड कुछ ज़्यादा ही काल हैं.. हमेशा चड्डी पहनते-पहनते मेरे लंड में घाव हो गया.. मेरे लंड में खुजली के साथ जलन हो रहा था.. चमड़ी उठ के खून निकलने लगा..

माँ को पता चला तो माँ डर गयी.. जल्दी से डॉक्टर को बुलाया.. डॉक्टर कुछ मरहम दे कर बोले – इस जेल को हर रोज़ दो बार लंड पर लगाना और मालिश करना.. जेल ठंडा है.. जितना मालिश करोगे, उतने जल्दी घाव भरेगा.. और बोला अभी जितना दिन ये न सूखे, उतने दिन चड्डी पहनना मना है..

डॉक्टर के जाने के बाद माँ बोली – तुझे तकलीफ होता था, तूने क्यों नहीं बोलै बेटा?

मैं बोला – माँ.. तुमको तकलीफ नहीं देना चाहता था.. तुम मेरे लिए बहुत करती हो… मेरा कोई नहीं है तुम्हारे बिना…

माँ ने मुझे सर पर चूमा.. फिर बोली – आज से तुझे और कभी घर पर चड्ढी नहीं पहनना पड़गा..

मेरे बगल में माँ बैठी और मुझे नंगा बिस्तर पर सुला दिया.. माँ ने मेरे लंड को देखा.. बोली – कितना तकलीफ दिया मैंने मेरे बच्चे को…

फिर मरहम जेल हाथ में लेके मेरे लंड पे मलने लगी.. माँ के हाथ इतने नरम है के क्या बताऊँ…. साथ ही साथ मेरा लंड और ज़्यादा फूलने लगा..

माँ मेरे लंड की मालिश करने लगी.. पच्च-पच्च की आवाज़ें होने लगी.. लंड का जलन कम होने लगा…. माँ जानती थी क्या होने वाला है.. इसलिए जब भी मेरा माल निकलने वाला होता है, माँ हाथ हटा ले रही थी… इस तरीके से मेरे ५० साल की बूढी माँ, २८ साल के बेटे का काला लंड मालिश कर रही थी.. ये सोच के मेरा लंड का ज़ोर बढ़ गया.. माँ के कुछ सोचने से पहले ही, माँ की हांथों में मैंने गर्मागर्म माल छोड़ दिया..

माँ ने साथी-साथ हाथ हटा के बोली – तुझे ऐसा नहीं करना चाहिए ब्रिजस्ट… मैं तेरी माँ हूँ.. मैं जो भी करती हूँ, वो मजबूरी में कर रही हूँ..

मेरी तब हालत ख़राब हुई.. माँ दुखी होक वह से उठ गयी.. मैं चुप-चाप सोया रहा..

अगला दिन माँ मुझे स्नान करवा रही थी.. मेरा लंड पर २२ साल में पहली बार साबुन लगा रही थी.. बहुत मेल निकल रहा था.. ये देखकर माँ और ज़ोर से रगड़ने लगी.. मेरी हालत ख़राब हो गयी..

मैं बोला – माँ छोड़ दो.. नहीं तो निकल जायेगा मेरा..

माँ फिर भी ज़ोर-ज़ोर से रगड़ती रही.. मैं देख के भौचक्का रह गया.. माँ मेरा १० इंच का काला लंड रगड़ रही है.. मैं रह ने सका… माँ के मुंह पर अपना गाढ़ा माल फेक दिया.. माँ का चेहरा मेरे घने माल से ढक गया… वीर्य गिर के माँ की ब्लाउज के अंदर चला गया.. माँ फिर भी आहिस्ता आहिस्ता मेरे लंड में साबुन लगा रही थी और मल रही थी.. मेरे लंड का टोपा काला से लाल होने लगी.. फिर माँ ने मुझे स्नान करवाके अपने चेहरे पर से मेरे माल को साफ़ किया..

उसके अगले दिन माँ ने बोला – तू आज से लुंगी पहनेगा..

पापा की एक पुरानी लुंगी माँ ने मुझे पहना दी.. पर निचे चड्डी न रहने के कारण हर वक़्त लंड टनटनाया रहता था.. एक रात की माँ मेरे साथ टीवी देख रही थी.. चैनल चेंज करते करते एक पर ब्लू फिल्म चल रहा था.. माँ और मैंने वो ब्लू फिल्म देखि.. उसी समय टीवी का रिमोट ख़राब हो गया.. इसलिए मैं चैनल को चेंज नहीं कर पाया.. ब्लू फिल्म में एक लड़की अपने मर्द का लंड चूस रही थी.. लंड का साइज मेरे जैसा था.. लड़का आअह्ह्ह…. आह्हः… आवाज़ कर रहा था.. माँ ने उठकर टीवी बंद कर दिया..

अगले दिन माँ जब मुझे स्नान करवा रही थी और मेरे जांघ पर साबुन लगा रही थी तब मेरा लंड खड़ा होने लगा… मैं माँ के मुंह के पास लंड ले गया.. माँ कुछ नहीं बोली… मैंने सोच लिया की आज इस पार या उस पास.. मैंने माँ के गाल पर अपना लंड घासना शुरू किया..

माँ बोली – क्या हुआ बेटा? तू क्या करना चाहता है?

मैं बोला – माँ.. तुम मेरा एक सपना पूरा कर सकती हो क्या?

माँ बोली – क्या सपना है तेरा, बोल?

मैं बोला – माँ, छोटा सा ही है.. तुम मेरे लंड को चुसो हर रोज़.. मुझे और कुछ नहीं चाहिए माँ… तुम्हारे मुंह के अंदर मेरा लंड हो, यही सपना है मेरा… क्या तुम मेरा सपना पूरा करोगी?

माँ बोली – अगर तेरे जीवन का एक ही सपना है की मैं तेरा लंड चूस दूँ हर रोज़, तो ठीक है.. वैसे भी तुझे कोई लड़की नहीं मिलेगी, जो तेरे लिए ये कर सके.. मैं जितना दिन ज़िंदा हूँ, करुँगी..

मैं बोला – माँ.. मैंने सुना है की औरत अगर मर्दों का वीर्य पीती है तो उनका स्किन ठीक रहता है.. बाल कम झड़ते है.. तुम भी करो.. मेरे लंड को अच्छे से चूस के मेरा वीर्य पि लो..

माँ ने इसके बाद मेरा लंड के टोपे को मुंह में ले लिया और चूसने लगी… मेरे लंड की चमड़ी छोटे उम्र में कट के उल्टा दिया था डॉक्टर ने, इसलिए अभी एक मशरुम के तरह दिख रहा था.. लंड की मुंडी के निचे का भाग पतला और लम्बाई १० इंच की है.. मेरा सपना आज पूरा हो रहा था.. मेरी माँ, मेरा लंड चूस रही थी.. माँ की होंठ इतने नरम है की कोई गुलाब की पंखुरी… माँ मेरा लंड मुंह में लेके ऊपर निचे करने लगी.. मैं भी माँ की मुंह में लंड को ज़ोर से घुसाने लगा.. माँ ने अपना ब्लाउज खोल दिया..

साडी भी खोल दी और नंगी हो गयी मेरे सामने.. मैंने अपनी माँ को पहली बार नंगा देखा था.. क्या गोरा चाँद जैसा रंग… माँ में अपने बाल भी खोल दिए.. और नंगी ही निचे झुककर मेरे दोनों पैर पकड़कर मेरा लंड चूसने लगी… माँ लंड ऐसा चूस रही थी, जैसे कोई वैक्यूम-क्लीनर… माँ के ३६ साइज के गोर चूचे मेरे जांघ में झपट्टा मार रहे थे.. मेरा लंड माँ के लार और थूक से चमकने लगा..

पच्च-पच्च-पच्च करके आवाज़ होने लगा.. मेरे लंड की नसें फूलने लगी.. ऐसा १५ मिनट चला.. माँ के मेरे लंड को चूसने से मेरे बदन में एक अनोखी आग भड़क उठी और मैं सहन नहीं कर पाया.. माँ की मुंह में मेरे लंड को थोड़ा और घुसा दिया और अपना गर्म माल उनके मुंह में छोड़ दिया.. करीं ४०० मिलीलीटर कागाढ़ा माल होगा माँ की मुंह के अंदर…

माँ ने पूरा माल पी लिया..

मैं बेहोश होकर बाथरूम में गिर गया.. जब होश आया तब देखा की मैं बिस्तर पर सोया हुआ था और माँ मेरे सर पर हाथ रखकर सेहला रही है.. और रो रही है..

क्या बताऊ दोस्तों! ये तो मेरे ज़िन्दगी का सच है.. कहानी नहीं.. सिर्फ नाम ही बदला है.. क्योंकि किसी की अगर पता चला की माँ और बेटे का रिश्ता ऐसा है तो शायद हम दोनों को समाज में रहने नहीं देंगे.. कुछ भी हो.. मेरा सपना पूरा हुआ.. माँ की मुंह में लंड घुसा के चुसवाने का.. माँ से बेहतर लंड कोई नहीं चूस सकती है.. अपनी बीवी भी नहीं.. मुझे ऐसा लगता है..