बचपन के प्यार को उसके शादी के बाद चोदा

हेलो दोस्तों, मैं पप्पू सा आप सभी लोगों का हिंदी सेक्स स्टोरीज की वेबसाइट पर स्वागत करता हूं। यहां आपको हर रोज नहीं-नहीं कहानियां पढ़ने को मिलेगी।

आज मैं आपको ऐसी ही एक कहानी के बारे में बताने जा रहा हूं और मैं उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को यह कहानी पसंद आएगी।

मैं बिहार के गया जिले का रहने वाला हूं। मेरा गांव गया से 10 किलोमीटर पश्चिम की तरफ है। मेरी उम्र 25 वर्ष है। मेरे लन्ड का साइज 8 इंच है और यह काफी मोटा भी है।

मैं अब तक कई लड़कियों को चोद चुका हूं और सेक्स का भरपूर आनंद भी उठा चुका हूं। मेरे ही गांव में एक लड़की रहती है जिसका नाम कुकू है।

उसका असली नाम तो कोमल हैं लेकिन सभी लोग उसे प्यार से कुकू बुलाते हैं और उसकी उम्र 24 साल की है। बचपन से ही उसे बहुत पसंद करता था लेकिन कभी उससे जाकर यह बात कह ना सका।

हालांकि मैं उसे काफी बातें किया करता था और हम दोनों अच्छे दोस्त थे लेकिन कभी मैंने उसे यह नहीं बताया कि मैं उससे प्यार करता हूं। फिर उसके घर वालों ने उसकी शादी कर दी।

अब वह 4 सालों बाद अपने मायके आई हुई थी और मेरी उससे मुलाकात हुई। उसका एक बेटा भी था जो 2 साल का था और उसके साथ ही मायके आया हुआ था।

जब मैं उससे मिला तो हम दोनों उसके घर के बाहर ही खड़े थे और मैंने उससे उसका हालचाल पूछा। उसने बताया वह ठीक है लेकिन उसका पति इतना अच्छा आदमी नहीं है। मैंने उसकी बात का कोई जवाब नहीं दिया।

फिर वो बोली मुझे पता है तुम मुझे प्यार करते थे। उसकी यह बात सुनकर मेरे होश उड़ गए और मैंने कहा यह तुमने किस से सुन लिया ऐसी कोई भी बात नहीं है। फिर वह बोली अभी तुम जाओ शाम को 6:00 बजे मुझे बाग में मिलने आना।

मैं वहां से चला गया और बस शाम होने का इंतजार करने लगा। मैं यह सोच सोच कर पागल हो रहा था कि आखिर उसे मुझे बाद में क्यों बुलाया है और इसे किसने बता दिया कि मैं उसको पसंद करता था।

हालांकि उसकी शादी हो गई थी लेकिन उसे चोदने का मन तो मेरा भी करता था। शादी के बाद तो वो और ज्यादा सेक्सी और हॉट हो गई है। साड़ी में तो एकदम कातिलाना माल लगती है। फिर मैं शाम को 5:30 बजे ही बाग में पहुंच गया है और उसका इंतजार करने लगा।

ठीक 6:00 बजे अकेले ही बाग में पहुंच गई और मेरे पास आकर बैठ गई। कुछ समय बाद में कोई भी नहीं था और शाम भी होने वाली थी तो किसी के आने का कोई चांस भी नहीं था।

फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम बताओ तुम्हारा हालचाल कैसा है। तो फिर मैंने कहा सब कुछ बढ़िया है सब बढ़िया चल रहा है और किसी भी चीज की कमी नहीं है।

फिर उसने मुझे बताया कि उसका पति उसे बिल्कुल भी पसंद नहीं है। फिर उसने मुझे बताया कि वह भी मुझे पसंद करती थी और शादी के वक्त तुमसे मिलने की बहुत कोशिश की लेकिन मिल नहीं पाई।

फिर उसने मेरा हाथ अपने हाथ में थाम लिया और बोली जब भी मैं अपने पति से सेक्स करती हूं तो मन में तुम्हारे बारे में ही सोचती हूं। मैं सोचती हूं कि मैं तुम्हारे साथ ही सेक्स कर रही हूं और अपने पति को बिल्कुल पसंद नहीं करती।

मैं तुम्हारे साथ सेक्स करना चाहती हूं पप्पू मेरी इस प्यार को क्या तुम बुझा दोगे?

उसके इतना कहते ही मैंने उसके गालों को अपने हाथों से पकड़ा और उसके नाम गुलाबी होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उन्हें जोर जोर से चूमने लगा।

मैं उसके रसीले होठों का रस चूस रहा था और वह भी मेरा साथ दे रही थी।

हम दोनों एक दूसरे को काफी उत्तेजित होकर चूम रहे थे। बस इतनी जोर से झूम रहा था कि उसके होंठ लाल हो गए थे फिर मैंने उसके उल्लू को हटाया और उसके ब्लाउज को देखा तो उसके उभरे हुए बूब्स जो कि एकदम टाइट हो गए थे नजर आए।

फिर मैंने उसे ब्लॉक कर दी तो उसके बड़े-बड़े बूब्ज़ मेरे सामने थे और मैं उन्हें मुंह में लेकर चूसने लगा। वह बहुत गर्म हो चुकी थी और उसके बूब्स एकदम तन कर खड़े हो गए थे।

मैंने बेतहाशा चूमने जा रहा था और उसकी चुचियों को मसल रहा था। उसके निप्पल से दूध भी निकल रहा था तो मैं उसका दूध भी पीने लगा वह भी मेरे सर को अपनी निपल्स की तरफ दबा कर किस चीज का आनंद ले रही थी।

फिर मैंने अपना लंड निकाला और उसके हाथ में दे दिया वह मेरे लंड को हिलाने लगी और फिर उसने लॉलीपॉप की तरह उसे अपनी मुंह में डाला और उसे चूसने लगी।

काफी अच्छे तरीके से मेरे लंड को चूस रही थी जिससे कि मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया था। और कितनी अच्छी तरह से दूसरे की थी कि मुझसे रहा नहीं गया और मैंने सारा माल उसके मुंह के अंदर ही निकाल दिया।

फिर मैंने उसकी सारी खोल दी और पैंटी उतार कर उसकी चूत चाटने लगा। वह सिसकियां भरने लगी और उसने मेरे बालों को कस कर पकड़ लिया और उन्हें नोचने लगी।

मुझे और भी ज्यादा मजा आने लगा और मैं उसकी चूत को और जोर-जोर से चाटने लगा तो वह इतनी ज्यादा मस्ती नहीं आ गई कि वह तुरंत ही झड़ गई।

मैंने उसकी चूत का नमकीन पानी पिया और हम दोनों एक एक बार झड़ चुके थे। मुसाफिर मेरा लंड पकड़ा और उसे अपने मुंह में लेकर चूसने लगी।

थोड़ी देर में उसने मेरा लंड एकदम रोड की तरह खड़ा कर दिया और मैंने अब अपना लंड उसकी चूत के छेद पर रखा और उसे रगड़ने लगा। वह तड़पने लगी और कराने लगी।

वो बोली पप्पू अब मुझसे इंतजार नहीं होता मैंने सीखा बहुत दिनों से इंतजार किया है तुम अपना लंड मेरी चूत के अंदर घुसा दो और इस छूट को शांत कर दो।

मैंने भी धीरे-धीरे झटका लेते हुए लंड उसकी चूत में घुसा दिया और उसने मुझे कस कर पकड़ लिया। अपना धक्के देने लगा तो उसने थोड़ी देर तक के किसी तरह बर्दाश्त किए फिर वह भी उन धक्कों का आनंद लेने लगी।

अब हम दोनों बहुत ही अच्छी तरह से जुदाई का आनंद ले रहे थे। वह भी उछल उछल कर सुंदर रही थी और मैं भी उसे तेजी से चोद रहा था।

करीबन 15 मिनट की चुदाई के बाद जब मैं झड़ने वाला था तो उसने बोला और तुम मुझे अपने बच्चे की मां बता दो और सारा माल अंदर ही निकाल दो।

मैंने अपने लंड से चूत से पिचकारी मारते हुए सारा माल उसकी चूत के अंदर ही निकाल दिया। फिर थोड़ी देर तक हम एक दूसरे के ऊपर ऐसे ही निढाल होकर पड़े रहे।

रात में होने वाली थी इसलिए हम लोगों ने अपने अपने कपड़े पहने और घर की तरफ चल दिए।