बारिश में पहली बार चुदाई का आनंद – 2

हेलो दोस्तों, हिंदी सेक्सुअल स्टोरीज की वेबसाइट पर आप सभी लोगों का स्वागत है। मैं पल्लवी वर्मा अपनी कल वाली कहानी को आज जारी रखते हुए आपको आगे क्या क्या हुआ यह बताने जा रही हूं। उम्मीद करती हूं कि आप लोगों को यह कहानी पसंद आएगी।

जैसा कि आपको मैंने पिछली कहानी में बताया था कि मेरे घरवाले सभी बाहर से और बहुत जोर से बारिश हो रही थी। तभी किशोर हमारे मोहल्ले का एक लड़का हमारे घर के बाहर भीग रहा था।

तो मैंने उसे अंदर बुला लिया और बातों बातों में हम दोनों ने अपने प्यार का इजहार कर दिया। अब हम दोनों मैं एक दूसरे को चूमना शुरू कर दिया था।

और उसने मेरे बूब्स पर हाथ रख दिया और उन्हें सहलाने लगा था। किस करते करते किशोर की हिम्मत बढ़ रही थी। मैंने कहा कुछ भी करो आज में तेरे हवाले हूं।

किशोर अब मेरे होंठ को चूसते चूसते मेरे बूब्स भी दबाने लगा। मै अपने बूब्स दबवा रही थी। लेकिन मेरे पडोसी के घर का कोई ना देख ले हमे इसीलिए मैं किशोर के साथ अपने रूम में चली आयी।

उसने फिर वही कार्यक्रम जारी रखा। मैंने उसके तने लंड पर अपना हाथ रख दिया। वो समझ गया मै चुदवाने को बेकरार हूँ। मैं चुदवाना चाहती हूँ।

उसने मेरी टी शर्ट निकाल दी। मेरी सफ़ेद रंग की ब्रा में मेरी चूंचियां बहुत ही जबरदस्त लग रही थी। किशोर मेरे बूब्स को दबा रहा था।

आज पहली बार कोई दूसरा मेरे बूब्स को दबा रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था। अब वो अपने दोनों हाथों में मेरे चूचियों को लेकर खेलने लगा।

फिर उसने मेरी ब्रा निकाल दी। मेरी चूंचियो के दर्शन कर के दोनो चूचियों का रसपान करने के लिए। उसने अपना मुँह मेरी चुच्चो के निप्पल पर लगा दिया।

वो मेरी दोनों बूब्स के निप्पल को बारी बारी से पीना शुरू किया। मैंने उसका सर अपने चूचियों से सटा दिया। किशोर मेरे बूब्स को दबा दबा कर चुस रहा था।

बीच बीच में मीठी निप्पलों को काट लेता। मेरी मुँह से सिसकारियां निकल जाती थी। मैं सी…सी..सी… अह्हह… उफ्फ्फ… उफ्फ्फ..!! की आवाज निकाल रही थी।

किशोर मेरे निप्पलों को चूसने में मस्त था। मैं तेज तेज से साँसें ले रही थी। मै गरम गरम साँसे छोड़ रही थी।

जब उसने मेरी चुचियों का रस अच्छे से पी लिया तो उसने मेरे पर जाम मेरे को उतार दिया। और मेरे जांघ और पैरों को सहलाने लगा।

मुझे लग रहा था किशोर मुझे गुदगुदी कर रहा है। किशोर ने कुछ देर तक मेरी चूत पर हाथ फेरा उसके बाद उसने मेरी पैंटी निकाल दी। मैंने अपनी चूत को हाथ से ढक लिया।

उसने मेरे हांथो को हटा कर। मेरी चिकनी चूत के दर्शन करने लगा। अपना मुँह मेरी चूत पर लगा कर चाटने लगा। मुझे चूत चटवाने में बहुत मजा आ रहा था।

वो अपना जीभ मेरी चूत पर चला कर चाट रहा था। किशोर को भी मेरी चूत चकटने में बहुत मजा आ रहा था। उसने अपनी जीभ को मेरी चूत में घुसा दी।

मै सिसक रही थी। अई…. अई….अई… इसस्स… उहह… ओह्हह…. की सिसकारियां मेरे मुह से निकल रही थी। मैंने अपनी चूत में किशोर के सर को दबा दिया।

वो और जोर से मेरी चूत पीने लगा। मै बहुत ही गर्म हो गई। मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया। उसने मेरी चूत का सारा माल पी लिया। कुछ देर बाद मैंने उसकी पैंट निकाल दी।

उसका लंड उसके कच्छे में तना हुआ दिख रहा था। मैंने उसका कच्छा भी निकाल दिया। उसका लंड बहुत बड़ा था। लंड लगभग 8 इंच का था।

मैंने किशोर के लंड को अपने हाथों में लेकर मै भी खेलने लगी। आगे पीछे कर रही थी। मैंने सेक्स के सारे दांव पेंच पॉर्न फिल्म में सीखे थे।

मैं उसके लंड को मुठ मार कर और मोटा कर रही थी। उसका लंड गर्म होकर कडा हो गया। मैंने कुछ देर तक उसका लंड चूसा। वो भी चोदने को बेकरार होने लगा।

मैंने उसके लंड को छोड़ दिया। अभय ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया, खुद खड़ा हो गया। किशोर ने अपना लंड मेरे चूत के बीच में फंसाकर रगड़ने लगा। मैं आहह… सीह….. आहा…… याह…. की तेज सिसकियाँ निकाल रही थी।

वो बहुत तेज तेज अपना लंड चूत पर रखकर रगड़ रहा था। मैं गर्म हो रही थी। मेरी चूत भी गर्म हो रही थी। बहुत हॉट फील हो रहा था और मै चुदने को बहुत ज्यादा तड़पने लगी।

मैंने किशोर से कहा मुझे और ना तड़पा बहुत हो गया अब अंदर डाल दो। किशोर ने अपना सर हिलाया और अपना लौड़ा मेरी चुत में पेलने लगा।

मै आज पहली बार चुदाई का आनंद पाने जा रही थी। वो अपना लंड मेरी चूत में डालने की कोशिश कर रहा था। मेरी चूत बहुत ही टाइट थी।

किशोर का लौड़ा जल्दी घुस ही नहीं रहा था। बड़े कोशिशों के बाद अभय ने अपना लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया। मेरी मुँह से मां मर गई… सी…. ऊफ़.. आहू…. की चीख निकल गई।

किशोर ने फिर से धक्का मारा। मेरी थोड़ी सी फटी चूत को इस बार पूरा लंड घुसा कर फाड़ दिया। मैंने जोर से चिल्लाया।

किशोर डर गया और उसने चुदाई ही रोक दी। मै चुप हो गई। किशोर ने फिर से अपना लौड़ा मेरी चूत में डालकर पेलने लगा। इस बार मैंने धीऱे धीऱे सिसकारियां लेकर चुदवाने लगी।

मै अब धीऱे धीरे सिसक रही थी। मेरी मुँह से अब ओह्ह माँ…..ओह्ह माँ… आह आह…. आ आ आ आ… की सिसकारियां भर रही थी।

वो मेरी चूत में अपना लंड डालकर लगातार धक्के दे रहा था। मै सिसकती रही। मेरी चूत में उसका लंड लपा लप अंदर बाहर हो रहा था। किशोर की चुदाई की स्पीड बढ़ती ही जा रही थी।

वो अपना पूरा लंड मेरी चूत ने डाल रहा था। मैं अपनी अंगुली से अपनी चूत को मसल रही थी। मेरी चूत बहुत ही गरम हो गई। किशोर का लौड़ा मेरी गर्म चूत की गर्मी को शांत कर रहा था।

मेरी चूत बार बार अपना पानी छोड़ रही थी। बड़ा मजा आ रहा था। किशोर ने मेरी चूत से अपना लंड निकाल कर मेरी गांड में घुसाने लगा।

मेरी गांड की छेद पर अपना लौड़ा रख कर जबरदस्ती मेरी छेद में घुसाने लगा। मेरी गांड ने बहुत कोशिशों के बाद उसका लंड थोड़ा सा अंदर ले लिया। किशोर का थोड़ा लौड़ा अंदर जाते ही उसने पूरा लौड़ा अंदर घुसा दिया।

मैं दर्द से चिल्लाने लगी। उसने चोद चोद कर मेरी गान्ड का भोसड़ा बना दिया था। मैं बार बार झड़ते जा रही थी। वो भी अब झड़ने वाला हो गया। फिर उसने अपना लन्ड निकाला और मुठ मारने लगा।

मैंने जल्दी से अपना मुंह खोल दिया। उसने मुठ मार कर अपना सारा माल मेरी मुँह में गिरा दिया। मैंने सारा माल पी लिया। मुझे उसके लंड का पानी बहुत अच्छा लगा।

वो थोड़ी देर तक मेरे साथ नंगा लेटा रहा और फिर कपड़े पहनकर चला गया। जब भी हम दोनों को मौका मिलता है हम लोग खूब चुदाई करते है।