बारिश में पहली बार चुदाई का आनंद – 1

हेलो दोस्तों हिंदी सेक्सुअल स्टोरीज की वेबसाइट में आप सभी लोगों का स्वागत है। यहां आप हर रोज नई नई कहानियों का आनंद ले सकते हैं। आज मैं आपके सामने एक नई कहानी लेकर आई हूं और मैं उम्मीद करती हूं कि आप लोगों को यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम पल्लवी वर्मा है। मैं हरिद्वार में रहती हूँ। मेरी उम्र 22 साल की है। मैं देखने में बहुत ही हॉट और सेक्सी लगती हूँ। मेरे मम्मे बहुत ही रोमांचक है।

लड़के मेरे मम्मो को देखते ही अपना लंड खड़ा कर लेते हैं। मुझे भी अपने मम्मो को चुसवाना बहुत अच्छा लगता है। मैं खुद भी अकेले में अपने मम्मो से काफी छेड़ छाड़ करती हूँ। मैने अपनी सील खुद ही तोड़ी है।

अभी तक मैंने किसी लड़के से नहीं चुदवाया था। अब तक मैं पोर्न फिल्म देख देख कर मुठ मार लेती थी। रात में मै किचन से बैगन ले आती थी। बैगन ना हो तो मूली गाजर और कई लंबी सब्जियां ले आती थी।

रात में सब्जियों को अपनी चूत में डालकर लंड का एहसास करती थी। कई बार तो मैंने अपने चूत में सब्जियों को डालकर ही सो जाती। सुबह जब उठती तो निकालती थी। मुझे सेक्स करने का बहुत ही मन कर रहा था।

सब्जियां से बहुत काम चला लिया। अब तो बस लंड खाने को मन कर रहा था। दोस्तों मैं अब अपनी कहानी पर आती हूँ। मेरे पापा की ट्रैवल एजेंसी में काम करते हैं।

उसी से हमारे घर किसी तरह से पैसा आता है।बाकी कमाई का कोई रास्ता नहीं है। मेरा एक भाई है जो अभी छोटा है।

पापा अकेले ही पूरा घर सँभालते है मैंने ग्रेजुएशन कर लिया है। अब मैं पूरा दिन घर पर ही बैठी रहती थी। मेरे कॉलेज के लड़के मुझ पर मरते थे।

लेकिन मुझे कोई पसंद ही नहीं आता था। कोई भी लड़का स्मार्ट ही नहीं था। किसी की हाइट छोटी, तो कोई लल्लू किसम का। इसी वजह से मेरी किसी लड़के से दोस्ती नहीं हुई।

और अब तक मैं चुदने के मामले में कुवांरी रह गई। मै चुदने को बेकरार हो रही थी। मैं हर रोज पोर्न फिल्म देखकर सब्जियों और अँगुलियों से काम चला रही थी।

आखिर एक दिन आ ही गया जब मुझे चुदाई का सौभाग्य प्राप्त हुआ। एक दिन की बात है।

मेरे मोहल्ले का एक लड़का था जो काफी भोला और मासूम बनता था। कभी किसी लड़की की तरफ नहीं देखता था। मुझे वो बहुत पसंद था।

मेरा घर उसके घर से लगभग थोड़ी दूरी पर था। मेरी बुआ के यहाँ कोई पार्टी थी।

तो मम्मी और मेरा भाई बुआ के यहां चले गए थे। मै और पापा घर पर ही थे। पापा भी कुछ देर बाद अपने काम पर चले गए। अब मैं अकेली ही घर पर थी।

मैं पोर्न फिल्म देख रही थी। पापा के जाने के दो घंटे बाद बहुत तेज बारिश होने लगी। मै घर पर बरामदे में बैठी थी।

अचानक मैंने अपने मोहल्ले वाले लड़के को गेट के पास पेड़ के नीचे खड़े देखा। उसका नाम किशोर था।

वो पहले मेरे ही साथ पढ़ता था। मैंने उसे आवाज देते हुए कहा किशोर अंदर आ जाओ। बहुत तेज बारिश हो रही है। वो गेट खोलकर अंदर आ गया और उसने मुझे शुक्रिया बोला।

मै बोली इसमें शुक्रिया वाली बात ही नहीं है तुम मेरे दोस्त हो। इसमें थैंक यू का कोई काम नहीं। किशोर मुझे घूरे जा रहा था। मैंने कहा तुम मुझे इस तरह घूर क्यों रहे हो।

वो बोला तुम्हे देख रहा था। तुम कितना बदल गई हो। पहले तो तुम ऐसी नहीं थी।

फिर मैंने कहा हां वक़्त के साथ सब बदल जाते हैं तुम भी तो पहले मासूम हुए करते थे अब कितने तेज हो गए हो। फिर हम दोनों बातें करने लगे।

बातों बातों में मैंने उससे पूछा कि क्या तुम किसी को पसंद करते हो। उसने मुझसे कहा हां मैं करता हूं। मैंने पूछा किसे करते हो। तो वह बोला क्या सच में तुम्हें जानना है।

मैंने कहां हां मुझे बताओ। तो वह बोला मैं तुम्हें ही पसंद करता हूं। मेरी तो खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा। फिर किशोर ने कहा आई लव यू!

फिर किशोर और मै दोनों लोग पास पास सटकर कुछ देर बाद बैठ गए। अभय ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया।

मै भी ख़ुशी से किशोर को बाहों में भरकर लव यू टू बोलने लगी। उसने मुझे चूम लिया।

मै मन ही मन खुश हो गई। मैंने भी फिर उसको चूम लिया। किशोर ने फिर से मुझे हँसते हुए चूमा। मैंने भी किशोर को फिर से चूमा।

इस तरह से हम दोनों ने किसिंग की शुरुआत की। अब मुझे के लिए बेचैनी होने लगी। मै किशोर की गोद में बैठ गई। उसने मुझे कस के पकड़ लिया।

वो मेरे गले को चूम रहा था। मैं गरम होंने लगी। बारिश खूब तेज हो रही थी।

किसी के आने का कोई डर नहीं था। हम दोनों बरामदे में ही चुम्मा चाटी कर रहे थे।

किशोर ने मेरे होंठो पर अपना होंठ रख कर चूमने लगा। मै भी किशोर का साथ दे रही थी। वो मेरी होंठ को काट काट कर चूस रहा था। उसको मैने भी पकड़ लिया।

किशोर ने तुरंत अपना हाथ मेरी कमर से हटा कर। मेरी दोनों कानो कों पकड कर दबा दिया। मेरे होंठ को अपने होंठो से चिपका कर जोर जोर से मेरे होंठ चूसने लगा।

मेरा होंठ चूसते चूसते काला हो गया। मै भी किशोर के होंठ कों जोर जोर से चूस रही थी। वो मेरे होंठ का रस निचोड़ निचोड़ कर पी रहा था।

मेरे गुलाब जैसे होंठो को गुलाब जामुन की तरह काला कर दिया। मुझे पहली बार किसी के चूमने का एहसास हो रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

मैंने उस दिन हाफ लोवर औऱ टी शर्ट पहन रखी थी। अभय मेरे मम्मो को घूर रहा था। उसे मेरे मम्मो को छूने से डर लग रहा था।

कुछ देर बाद बड़ी हिम्मत करके मेरे बूब्स पर हाथ रख दिया। अब में जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी।

और मेरे मुंह से सी…सी..सी…-अह्ह्हह… स्सीईईइ.. आह्हहह…. अअफ.. उफ्फ्फ… उफ्फ्फ..!! की आवाज निकल रही थी। फिर उसने अपने हाथों से मेरे बूब्स को मसलना शुरू कर दिया।

फिर किशोर ने मुझे कैसे आगे और पीछे दोनों तरफ से चोदा वो मैं आपको अगली कहानी में बताऊंगी।