आंटी की कई सालों की तलब को शांत किया

हेलो दोस्तों, मेरा नाम राजेश है और मैं 26 साल का हूं। मेरे लन्ड का साइज 7 इंच है और यह 2 इंच मोटा भी है। यह किसी भी औरत या लड़की की चुत मारने के लिए बहुत है और किसी को भी पूरी तरह से संतुष्ट कर सकता है।

आज मैं जो आपको कहानी बताने जा रहा हूं यह मेरे साथ हाथ से 2 महीने पहले बिती थी। मेरी मां की एक बहुत ही पुरानी सहेली है। वह अक्सर ही हमारे घर पर आया जाया करती थी। वह मुझे बड़ा मानती थी और हमेशा मेरे से प्यार से बातें किया करती थी। आंटी भले ही थोड़ी मोटी थी लेकिन दिखने में इतनी खूबसूरत थी कि अभी भी किसी भी उम्र के लड़कों के लंड खड़े करवा सकती थी।

एक दिन जब मम्मी घर पर नहीं थी और घर में कोई भी नहीं था तो मैं घर में बैठा मोबाइल में पोर्न देख रहा था। मैं देसी भाभियों की वीडियो देख रहा था। तभी अचानक से वह आंटी दबे पैर बिना कोई आवाज किए मेरे पीछे से आई और उसने मुझे पोर्न देखते हुए पकड़ लिया। उसने मुझे डांट कर पूछा यह क्या कर रहा है।

मैं डर गया और मैंने कहा आंटी जी आजकल तो सब भी यह चीजें देखते हैं। तो वह बोली तेरी मम्मी किधर है। मैंने बोला वह सत्संग में गई हुई है और शाम को वापस आएगी। तब आंटी बोली आने दे आज तेरी मम्मी को मैं तेरी सारी हरकतें उसको बताती हूं।

मैंने कहा आंटी जी प्लीज मम्मी को कुछ मत बताना आप जो कहोगे मैं वह करूंगा। आंटी मेरी मजबूरी को समझ चुकी थी इसलिए उसने बड़ी ही कामुकता भरी आवाज में बोला जैसा मैं कहूंगा वैसा करेगा। मेरे बिना कोई देर किए कह दिया कि हां आंटी आप जैसा बोलोगे मैं वैसा ही करूंगा।

फिर आंटी बोली वह वीडियो मुझे भी दिखाओ। आंटी की यह बात सुनकर भौचक्का रह गया। मैं आंटी को वीडियो दिखाने लगा और वह मेरे बगल में बैठ गई। उसने देख लिया कि मेरा लन्ड पूरी तरह खराब हो चुका है और मेरी पेंट लंड के ऊपर से उभर चुकी है।

तभी आंटी ने अपना हाथ मेरे लन्ड पर रख दिया और उसे धीरे-धीरे सहलाने लगी। और दूसरे हाथ से उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने बूब्स पर रख दिया और कहा कि धीरे धीरे से इसे सहलाओ। जैसा की आंटी ने कहा मैं उनके बूब्स को धीरे-धीरे दबाने लगा।

आंटी ने फिर मुझसे पूछा कि पक्का ना तेरी मम्मी शाम से पहले नहीं आएगी। मैंने कहा आंटी वह बोल कर गई है कि वह शाम को देर से आएगी। फिर क्या था आंटी ने मेरी पैंट के अंदर इतना हाथ घुस आया और मेरे लन्ड को अपनी मुट्ठी में जकड़ लिया। और वह उसे धीरे-धीरे हिलाने लगी।

फिर आंटी ने मुझसे पूछा कि कितनी गर्लफ्रेंड है तेरी। तो मैंने कहा कि मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है। आंटी ने कहा मुझसे क्यों शर्माता है हम दोनों तो अच्छे दोस्त हैं बता दे कितनी लड़कियों की चुत मार चुका है। मैंने कहा आंटी आप क्या बोल रहे हो मैं तो हूं किसी लड़की को ठीक से बुलाता भी नहीं।

फिर आंटी बोली बेटा मुझसे झूठ मत बोल पूरे मोहल्ले की खबर रखती हूं मैं। फिर मैंने आंटी को सब कुछ सच-सच बता ही दिया। मैंने कहा आंटी अब तक तीन लड़कियों को पेल चुका हूं। आंटी ने कहा तभी तो तेरा लौड़ा इतना मोटा है। फिर क्या था आंटी ने मेरी टीशर्ट उतार दी और अपनी सलवार भी उतार कर एक तरफ रख दी।

अब वह मुझे छाती पर और पेट पर तुमने लगी। मुझे भी सेक्स की गर्मी चढ़ने लगी और मैंने आंटी की बड़ा खोल कर उनके मम्मों को चूसना शुरू कर दिया। आंटी ने कहा वाह रे तू तो बहुत अच्छे से चूसता है। मैंने कहा अभी तो आपने देखा ही क्या है आगे आगे देखिए होता है क्या।

आंटी ने कहा वाह रे छोरे इतना कॉन्फिडेंस। चल आज मैं भी देखती हूं कितनी बार कर पाता है तु। फिर क्या था आंटी ने उन सलवार उतार दी और मैंने भी अपनी पैंट उतार कर अपना लौड़ा आंटी के हाथ में थमा दिया।

आंटी ने जैसे ही मेरा लौड़ा देखा तो वह चौंक के बोली अरे इतना बड़ा लोड़ा तो मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखा लगता है आज मेरी पूरी अच्छे से चुदाई होगी। मैंने कहा क्या हुआ आंटी आपके पति का छोटा है क्या। तब आंटी बोली अरे उसका नाम मत ले वह तो 2 मिनट में काम खत्म करके सो जाता है और मेरे को प्यासा ही छोड़ देता है।

मैंने कहा कोई बात नहीं आंटी आपकी प्यास आज मैं बुझाउंगा। फिर क्या मैंने आंटी को लेट आया और उनकी टांगे उठाकर उनकी चुत में अपना लन्ड घुसा दिया। आंटी की चुत में मेरा आधा लौड़ा आसानी से घुस गया। फिर मैंने एक और झटका मारा तो अब पूरा लन्ड आंटी के अंदर तक पहुंच चुका था।

आंटी जो से कराह उठी। वह बोली अरे बहुत जलन हो रही है जल्दी-जल्दी आगे पीछे करना शुरू कर। मैंने आंटी की बात सुनते ही आंटी को झटके देने शुरू कर दिए। आंटी को जब मैं झटके देता तो उनके मम्मे में ऊपर नीचे खूब मिलते हैं। यह देखकर मेरे मन में कामुकता बढ़ जाती है और मैं और जोर जोर से झटके देने लगता।

आंटी भी अब कामुकता भरी आवाज निकालने लगी थी। और वह मेरे पीठ पर अपने नाखूनों से खरोंच रही थी। मैंने भी आंटी के बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और उनकी चुचियों को दांत से बीच-बीच में काटने लगा।

लगभग 10 मिनट तक लगातार चोदने के बाद मैंने अपना सारा वीर्य आंटी की चुत में ही निकाल दिया। आंटी को बहुत दिनों के बाद चुत में कुछ गरम गरम गिरने की तलब महसूस हुई थी। बहुत सालों बाद आज उन्हें संतुष्टि मिली थी।

फिर हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और आंटी ने कहा कभी मेरे घर पर भी आना वहां हम फिर मजे करेंगे। मैंने कहा कोई बात नहीं आंटी आप जैसा कहें। इतना कहकर आंटी बोली चल तेरी मम्मी आएगी तो उनको बता देना कि आंटी आई थी इतना कहकर वह अपने घर को चल दी।

मैं उनको पीछे से उनकी मटकती हुई गांड को देखे जा रहा था…