अपनी रूममेट जुली के साथ लेस्बियन सेक्स

हेलो दोस्तों, हिंदी सेक्सुअल स्टोरीज की वेबसाइट पर आप सभी लोगों का स्वागत है। जहां आपको हर रोज नई नई सेक्स कहानियां पढ़ने को मिलेंगी। आज मैं आपके लिए एक नई कहानी लेकर आई हूं और मैं उम्मीद करती हूं कि आप लोगों को ही कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम हर्षिका है और मैं 22 साल की हूं। मुझे सेक्स कहानियां पढ़ने का बहुत ही ज्यादा शौक है और मैं हर रोज हिंदी सेक्स स्टोरीज की वेबसाइट पर नई नई कहानियां पढ़ती रहती हूं।

कई दिनों से मैं सोच रही थी कि क्यों ना मैं आपको अपनी कहानी के बारे में भी बताऊं। तो बिना इधर-उधर की बातें किए हुए मैं अपनी कहानी शुरू करती हूं।

मैं कॉलेज में पढ़ती हूं और फैशन डिजाइनिंग में ग्रेजुएशन कर रही हूं। मैं अहमदाबाद के एक काफी प्रसिद्ध कॉलेज में पढ़ती हूं और यहां विदेशों से भी बच्चे पढ़ने के लिए आए हुए हैं।

क्योंकि मेरा घर अहमदाबाद से थोड़ा दूर है इसीलिए मैं हॉस्टल में रहती हूं और मेरे हॉस्टल में जो मेरी रूममेट है वह फ्रांस की है। उसका नाम जूली है। वह बहुत ही खुले विचारों वाली है और मुझे बहुत ही अच्छी लगती है।

वह मुझे बहुत पसंद भी है। वो मेरी हर चीज में मदद करती है चाहे वह पढ़ाई हो या फिर मुझे कोई काम करना हो या कपड़े खरीदने जाना हो या लड़कों से कैसे बात करनी हो वह मुझे सारी चीजों के बारे में बताती है।

अब हम दोनों को इकट्ठे रहते हुए 2 साल हो गया था और अब हमारा कॉलेज का आखरी साल बचा था। हम दोनों काफी करीब आ चुके थे और एक दूसरे से हर बात शेयर करते थे। मैंने उसे अपने बॉयफ्रेंड के बारे में भी बता रखा था जिसका नाम करण था।

मैं करन से अब तक कई बार सेक्स कर चुकी थी और हम दोनों ने एक दूसरे के बहुत सारे मजे लिए थे। मैं अक्सर करण और मेरे बीच हुए सेक्स की कहानियां जूली को सुनाया करती थी। वह भी मेरी बातों को भले ही ध्यान से और मजे लेते हुए सुनती थी।

मुझे सेक्स के बारे में नई नई चीजें बताया करती थी और मुझे उनके बारे में जानकर बहुत ही अच्छा लगता था।एक दिन की बात है मेरा और कर्ण का झगड़ा हो गया और हम दोनों ने एक दूसरे से बात करनी छोड़ दी।

मैं उदास रहने लगी और मेरा ध्यान पढ़ाई पर नहीं लगता। जूली ने जब यह सब देखा तो उसने मुझसे पूछा कि क्या बात है मुझे बताओ। मुझे तुम्हें इस हालत में देखा नहीं जाता।

मैंने जूली को बताया कि मेरा करण के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया है और हम दोनों ने एक दूसरे से बात करनी बंद कर दी है।

फिर उसने मुझसे कहा कि अरे यह भी कोई बात है कपास में अक्सर झगड़े होते रहते हैं तो इस बारे में ज्यादा मत सोचो और अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो क्योंकि एग्जाम भी आने वाले हैं।

लेकिन मेरी और करण की सुलह ना हो पाई और हम दोनों ने एक दूसरे से ब्रेकअप कर लिया। अब मैं काफी ज्यादा उदास रहने लगी और जूली बोली इस तरह तुम परीक्षा में अच्छे नंबर नहीं ला पाओगी।

मैंने उससे कहा तुम ही बताओ मैं क्या करूं मैं बहुत अकेलापन महसूस कर रही हूं। उसने कहा मेरे पास एक तरीका है मैं तुम्हारा अकेलापन दूर कर सकती हूं। फिर हम दोनों जब रात को मैस से खाना खाकर वापस आए।

तो उसने कहा तुम आज मेरे पास आकर सो जाओ। जब मैं उसके पास गई और रजाई में घुसी तो मुझे पता चला कि वह बिल्कुल नंगी होकर सोई हुई है। मैंने उसकी तरफ मुस्कुराते हुए देखा और मैंने पूछा यह सब क्या है।

वह बोली तुम तो ऐसे बोल रही हो जैसे तुम ने पहली बार मुझे ऐसे देखा हो। फिर मैंने कहा अरे देखा तो बहुत बार है लेकिन आज कुछ अलग ही माहौल लग रहा है।

फिर जूली ने मेरे सर को पकड़ा और मुझे अपनी ओर खींचते हुए मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और मुझे किस करने लगी। मैं भी उसे किस करने लगी क्योंकि मैं उस समय अपना अकेलापन दूर करना चाहती थी।

हम दोनों एक दूसरे के नरम नरम होंठों को चूस रहे थे और रसीला रस पी रहे थे। वह मुझे फ्रेंच किस कर रही थी और मैं अभी उसे फ्रेंच किस कर रही थी क्योंकि उसने ही मुझे फ्रेंच किस करनी सिखाई थी।

फिर उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए और पल भर में ही मैं पूरी नंगी हो गई और उसके साथ लिपट गई। फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और अपने बूब्स पर रख लिया।

फिर उसने अपना हाथ भी मेरे बूब्स पर रख दिया और हम दोनों एक दूसरे के बूब्स को मसलने लगे और सिसकियां भरने लगे। फिर उसने मेरे बूब्स को अपने मुंह में लिया और मेरे चुचियों को बहुत ही अच्छी तरह से चाटने लगी।

मेरे शरीर में अजीब सा करंट होने लगा और मैं सिसकारियां भरने लगी। फिर मैंने भी उसके बूब्स को अपने मुंह में भर के चूसना शुरू कर दिया और वह भी अब आनंद लेने लगी।

फिर उसने मुझसे कहा तुम तो बड़ी एक्सपर्ट हो गई हो। फिर उसने मुझे धक्का दिया और बेड पर लेट आते हुए मेरी चूत पर एक किस किया और अपनी जीव से मेरी चूत को चाटने लगी।

मुझे इतना अच्छा महसूस कभी नहीं हुआ था और मैं 1 मिनट में ही झड़ गई। मेरी चूत का सारा पानी पी लिया और लगातार उसे चाटने लगी।

अब हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और एक दूसरे की चूत चाटने लगे। वह भी एक बार झड़ गई लेकिन मैं अब तक तीन बार झड़ चुकी थी क्योंकि वह बहुत ही अच्छे तरीके से मेरी चूत को अपने मुंह से चोद रही थी।

इतनी अच्छी तरह से मेरी चूत को कभी किसी लौंडे ने नहीं चाटा था। फिर उसने मुझे लेट आया और मेरी चूत में उंगली डालकर अंदर-बाहर करने लगी।

मेरा पूरा शरीर में चलने लगा और मैं जोर-जोर से आहें भरने लगी। मैं उफ्फ… अम्महह… यू आर सो गुड…. कहते हुए चिल्लाने लगी।

फिर थोड़ी ही देर में मैं चौथी बार चले गई और अब मेरे शरीर में बिल्कुल भी जान नहीं बची थी।

लेकिन फिर भी मैंने अपनी उंगली से जूली की चूत को शांत किया और अब हम दोनों नीढाल होकर एक दूसरे से चिपक कर सो गए। उस दिन के बाद हमें जब भी मौका मिलता हम एक दूसरे को संतुष्ट करते।