2 दिन तक दोस्त की मॉम को रंडियों की तरह चोदा

हेलो दोस्तों, मेरा नाम राजीव है और हिंदी सेक्शुअल स्टोरी का नियमित पाठक हूं। मुझे फैमिली सेक्स स्टोरी पढ़ने में बहुत मजा आता है और मैं आज आपको ऐसी कहानी के बारे में बताने जा रहा हूं जब मैंने अपने दोस्त की मॉम को चोद डाला और एक मेच्योर औरत के मजे लिए।

मेरे दोस्त का नाम रोहन है और उसकी मॉम का नाम करिश्मा अग्रवाल है। उसकी मॉम इतनी ज्यादा सेक्सी और हॉट है की कोई भी मर्द उसे चोद कर अपने आप को खुशनसीब समझेगा।

रोहन के मॉम की उम्र 42 साल है और उनका फिगर 36 के बूब्स, 34 की कमर, और 36 की गांड देखकर कोई भी आदमी मदमस्त हो जाए। उनका एकदम गोरा और गुदगुदा शरीर इतना ज्यादा मस्त है कि अगर कोई उसे एक बार देख ले तो घर जाकर उसके नाम की मूठ जरुर मारेगा।

मैं भी रोहन की मां को मॉम ही कहता था और वह भी चाहती थी कि मैं उनसे मॉम ही बुलाऊ। मैं हमेशा से उसके नाम की मुठ मारा करता था और उसे चोदने की इच्छा रखता था। रोहन की मॉम को नेशनल ज्योग्राफिक चैनल बहुत ज्यादा पसंद है और वह सारा दिन जानवरों के बारे में ही देखती रहती है।

वह आम औरतों की तरह स्टार प्लस के नाटक देखने में रुचि नहीं रखती है। एक दिन की बात है रोहन एयर फोर्स का टेस्ट देने के लिए दिल्ली जाने वाला था और वहां उसे 2 दिन लगने वालेे थे।

रोहन ने मुझे कहा कि क्या तुम 2 दिन तक मेरे घर पर सोने के लिए आ सकते हो क्योंकि रात को मेरी मॉम को अकेले में डर लगता है। महत्त्व इसी दिन का तो इंतजार कर रहा था मैंने उससे कहा तुम चिंता मत करो तुम आराम से टेस्ट देने जाओ मैं रात को यहां सोने आ जाया करूंगा।

अगले दिन मैं शाम को रोहन के घर पहुंच गया और करिश्मा आंटी ने खाना बनाया हुआ था। मैं अपने साथ सेक्स की खुजली जगाने वाली दवाई लेकर गया हुआ था। जब आंटी किचन में काम कर रही थी तो मैंने उनके पानी के गिलास में वह दवाई डाल दी।

फिर हम लोगों ने खाना खाया। और मैं सोने के लिए साथ वाले कमरे में चला गया। करिश्मा आंटी अब सोने के लिए कमरे में गई। अब दवाई ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया था। मैं करिश्मा आंटी के कमरे के बाहर आकर खड़ा हो गया।

मैंने खिड़की से अंदर झांक कर देखा तो करिश्मा आंटी पूरी नंगी होकर बेड पर लेटी हुई थी और अपने एक हाथ से अपनी चुचियों को मसल रही थी तो दूसरे हाथ से अपनी चुत में उंगली कर रही थी। और हल्की-हल्की सिसकियां भी भर रही थी।

उनको देखकर अपना लंड हिलाने लगा। जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने दरवाजा खोला और सीधे अंदर घुस गया। पूरा कमरा उनकी सिसकियों की आवाज से गूंज रहा था। वह इतनी मदहोश थी कि उन्हें पता ही नहीं लगा कि कोई कमरे के अंदर आया है।

फिर जब उन्होंने अपनी आंखें खोली और मुझे सामने देखा तो अपने आपको छुपाने लगी। लेकिन अब तक तो मैं सब कुछ देख चुका था। तभी आंटी ने नशीली निगाहों से मेरी तरफ देखा।

मैं उनका इशारा समझ गया और बिना कोई वक्त गवाए मैंने अपने सारे कपड़े उतारे और उनके ऊपर कूद गया। मैंने उनसे कहा मॉम मैं तुम्हें आज खा जाऊंगा। वह बोली अच्छी तरह से खा ले।

फिर मैंने उनकी चूचियों को अपने मुंह में लिया और उन्हें जोर जोर से चूसने लगा। उन्होंने भी मेरा सर अपने बूब्स के ऊपर दबा दिया।

वह भी अअह … ऊम्म्म … अअहह… करके सिसकियां भरने लगी।

फिर मैंने उनको उल्टा किया और उनके पूरे शरीर को चाटने लगा। फिर मैंने अपना सिर उनकी टांगों के बीच घुसाते हुए अपनी जीभ के चुत पर रख दिया और उनकी चुत को एक बार जोर से चाटा।

वह कांप उठी और जोर-जोर से फक मी.. फक मी.. कहने लगी।

मैं उनके बूब्स को मसले जा रहा था। फिर उन्होंने कुछ बोलने के लिए जैसे ही मुंह खोला तो मैंने अपना लन्ड उसके मुंह में डाल दिया। उन्होंने मेरा 7 इंच लंबा लंड अपने गले तक उतार लिया और उसे जोर जोर से चूसने लगी।

फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और मैं उसकी चूत चाटने लगा और वह मेरा लन्ड चूसने लगा। मैं बीच-बीच में उसकी गांड पर जोर से थप्पड़ मारता था जिसके कारण उसकी गांड एकदम लाल हो गई थी।

मैंने 10 मिनट तक उससे अपना लन्ड चुस्वाया जिससे उसके होंठ एकदम लाल हो गए थे। मैं उसकी चुत में उंगली करे जा रहा था और वह थोड़ी देर में झड़ गई।

मैंने उसकी चूत का सारा पानी पी लिया। फिर करिश्मा आंटी ने मेरे सामने अपनी टांगें फैला दी और बोली ले आज मेरी चुत में अपना लन्ड डाल दे।

फिर मैंने करिश्मा आंटी की टांगों को थोड़ा सा फैलाया जिसके कारण उनकी चोट उभर कर मेरे लन्ड के सामने आ गई। मैंने अपना लन्ड उनकी चुत पर सेट किया और एक ही झटके में पूरा लन्ड उनकी चुत के अंदर घुसा दिया।

उनकी आह निकल गई। मैं अब तेजी से झटके देने लग गया।

वो उफ्फफ्फ….. अअअहह…. की आवाजें निकालते हुए मजे लेकर चूदने लगी।

पूरा कमरा फच फच की आवाजों से गूंज रहा था। मैंने अपनी चोदने की स्पीड और ज्यादा बढ़ा दी।

और वह सिसकियां हो जाती हुई चुदने में लगी। शायद वो बहुत दिनों से नहीं सुनी थी इसलिए वह एक बार और झड़ गई लेकिन दवाई के कारण वह अभी भी चोदने को तैयार थी और मैं उनको लगातार चोदते ही जा रहा था।

फिर मैंने उनको घोड़ी बनाया और पीछे से उनकी चुत में अपना लन्ड डाल दिया।

वो अब सी सी सी… ओ माई गॉड…. फक मी… कह कर मुझे और जोर से चोदने को कहने लगी।

मैं भी उसे जोर जोर से झटके दे रहा था। 15 मिनट की चुदाई के बाद अब मैं अपना माल छोड़ने वाला था और वह भी एक बार फिर से झड़ने वाली थी।

मैंने आंटी को कसके पकड़ते हुए सारा माल उनकी चुत के अंदर ही निकाल दिया और वह भी झड़ गई। फिर मैं थोड़ी देर तक इसी तरह उनके ऊपर लेटा रहा।

फिर हम दोनों नंगे ही सो गए। अगले दिन मैंने दिन में आंटी को दो बार चोदा।

और रात को हम दोनों ने एक एक गोली खाई और फिर रात में सेक्स किया। इस तरह मैंने उन 2 दिनों में आंटी को कई बार जन्नत की सैर करवाई।